भावलखेड़ा। गांव कारी मकुवापुर में 24 दिसंबर को पप्पू की संदिग्ध परिस्थिति में गर्रा नदी में डूबने से मौत हो गई थी। परिवार वालों ने गांव के कुछ लोगों पर मारपीट कर नदी में फेंके जाने का आरोप लगाया था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की बात सामने आई है।
थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के गांव कारी मुखवापुर निवासी पप्पू 24 दिसंबर 2023 को दोपहर करीब 12:30 बजे घर से मछली लेने जाने की बात कहकर निकले थे। शाम तक वापस नहीं लौटे तो भाई वीरेंद्र ने पुलिस को सूचना दी कि गांव के कुछ लोगों ने रंजिश के चलते मारपीट करने के बाद पप्पू को नदी में फेंक दिया है। पुलिस ने अगले दिन 25 दिसंबर को गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। 26 दिसंबर को उसका शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर नदी से बरामद किया था। इंस्पेक्टर चंद्र प्रकाश शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूब कर दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर चोटों के निशान नहीं मिले। मामले की जांच की गई तो सामने आया कि परिजन से झगड़े के बाद पप्पू घर से निकला था। उसने संतोष निवासी गांव चौढेरा के ट्रैक्टर के नीचे आकर भी आत्महत्या की कोशिश की। इसके बाद पप्पू आवेश में आकर नदी में कूद गया।
सचिन मिश्रा, तहसील महासचिव राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन पुवायां। संवाद
सचिन मिश्रा, तहसील महासचिव राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन पुवायां। संवाद
सचिन मिश्रा, तहसील महासचिव राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन पुवायां। संवाद