शाहजहांपुर। जलालाबाद क्षेत्र में रामगंगा और बहगुल नदियों के कोलाघाट पर बना पक्का पुल एक पिलर धंस जाने से करीब सवा साल से बंद है। ऐसे में पांच टन तक भार क्षमता वाले हल्के वाहनों के लिए पैंटून पुल बनाया गया है, जो भारी वाहनों की आवाजाही से बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा है। बृहस्पतिवार देर रात चौथी बार नट बोल्ट टूट गए। इससे करीब तीन घंटे तक यातायात ठप रहा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पैंटून पुल की सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं क्योंकि जिला मुख्यालय तक पहुंचने का यही इकलौता सहारा है।
दिखावटी साबित हो रहे पुल के दोनों ओर बने हाइट गेज
पैंटून पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोकने के लिए उसके दोनों ओर हाइट गेज बनाए गए हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता और मेठ का कहना है कि रात में पुलिस की निगरानी में ढिलाई से खाद्यान्न, गन्ना और अन्य सामान से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि भारी वाहन निकल रहे हैं। लिहाजा साढ़े तीन माह में पुल चौथी बार क्षतिग्रस्त हुआ है। बृहस्पतिवार रात भी इसी वजह से पैंटून के गर्डर में लगे बोल्ट टूट गए। इससे मिर्जापुर और कलान की कटरी में बसे गांवों के वे लोग खासे परेशान हुए जिन्हें रोजाना जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इन सभी को पुल क्षतिग्रस्त होने पर करीब तीन घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा।
बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राएं भी हुए परेशान
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही पैंटून पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से परीक्षार्थियों को भारी परेशानी हुई। हालांकि लोनिवि कर्मचारियों ने पुल की मरम्मत कर देर रात आवागमन शुरू करा दिया था, लेकिन तमाम परीक्षार्थी इस बात से आशंकित हैं कि परीक्षा काल में दोबारा पुल क्षतिग्रस्त होने पर उनका पेपर छूट जाएगा।
सीआरआरआई की रिपोर्ट का हो रहा इंतजार
राज्य सेतु निर्माण निगम ने कोलाघाट पर पक्के पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम करीब एक वर्ष पहले पूरा कर लिया है, लेकिन उस पर यातायात अभी तक केंद्रीय सड़क अनुसंधान संगठन (सीआरआरआई) की अंतिम जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से शुरू नहीं हो सका है। लोनिवि द्वारा पुल की गुणवत्ता जांच को नामित सीआरआरआई के विशेषज्ञ इससे पहले दो जांच रिपोर्ट दे चुके हैं, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट पुल के क्रिटिकल श्रेणी में चिह्नित किए गए पिलर्स से जुड़ी है। एडीएम फाइनेंस त्रिभुवन के अनुसार सीआरआरआई की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
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क्षेत्र के लोगों की बात
पैंटून पुल से देर रात अनाज से भरी भारी-भरकम ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को निकलने की अनुमति दे दी जाती है। इससे पुल क्षतिग्रस्त हो जाता है। इससे दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी होती है। - रामकुमार मिश्र, सरैंया (मिर्जापुर)
आए दिन पैंटून पुल के खराब हो जाने से सबसे अधिक व्यापारियों को नुकसान होता है। छोटे व्यापारी जलालाबाद या शाहजहांपुर से छोटे वाहनों से सामान लाने में बहुत परेशान होते हैं। -अमित कुमार गुप्ता, मिर्जापुर
कोलाघाट पैंटून पुल और संपर्क मार्ग के आए दिन खराब होने से कलान-मिर्जापुर क्षेत्र के लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। पैंटून पुल से रात में भारी वाहन निकले पर रोक लगाई जाए। - सूर्य प्रताप सिंह, ढाई (मिर्जापुर)
कोलाघाट के पक्के पुल के निर्माण में हुए भारी घोटाले का दंश क्षेत्र की जनता झेल ही रही है। अब भारी वाहनों से पैंटून पुल का सहारा भी आए दिन छिन जाता है। प्रशासन इस ओर ध्यान दे। - शिवम पांडेय, मिर्जापुर
वर्जन
पैंटून पुल से प्रतिदिन हजारों वाहनों के निकलने से उसमें टूट-फूट होना स्वाभाविक है। इसीलिए समय-समय पर मरम्मत करवायी जाती है। पुल की मरम्मत के दौरान आवागमन को रोके जाने से जाम लग जाता है। पैंटून पुल से भारी वाहन निकलने से रोकना पुलिस का काम है, हमारे विभाग का नहीं। - ज्ञानेंद्र शर्मा, अवर अभियंता/साइट इंजीनियर, लोनिवि (निर्माण खंड-1)
मिर्जापुर के कोलाघाट का क्षति पैंटून पुल से निकलते लोग । संवाद
मिर्जापुर के कोलाघाट का क्षति पैंटून पुल से निकलते लोग । संवाद
मिर्जापुर के कोलाघाट का क्षति पैंटून पुल से निकलते लोग । संवाद
मिर्जापुर के कोलाघाट का क्षति पैंटून पुल से निकलते लोग । संवाद
मिर्जापुर के कोलाघाट का क्षति पैंटून पुल से निकलते लोग । संवाद