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पंचायत चुनाव: जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट को समझाई मतगणना की प्रक्रिया

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शाहजहांपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 29 अप्रैल को मतदान के बाद 2 मई को मतों की गिनती होनी है। मतगणना के लिए जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए अधिकारियों को मतों की गिनती की प्रक्रिया समझाने के साथ ही अन्य जिम्मेदारियां बताई गई। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत)/ डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने मजिस्ट्रेट नामित किये गए अधिकारियों से कहा कि वह मतगणना की पूरी प्रक्रिया भली-भांति समझ लें ,क्योंकि उन्हें इस कार्य में लगाए गए अन्य कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर के तौर पर प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी निभानी है।
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डीएम ने कहा कि मतगणना कर्मियों की 12-12 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी होगी। एक शिफ्ट के कर्मचारी तभी ड्यूटी से हटेंगे, जब उनके प्रतिस्थानी ड्यूटी पर आ जाएंगे। यह क्रम मतगणना समाप्त होने तक जारी रहेगा। प्रत्येक न्याय पंचायत में लगाई गईं चार मेजों के दो सेट बनाए जाएंगे और प्रत्येक सेट पर दो मतगणना पर्यवेक्षक एवं छह मतगणना सहायक कार्य करेगें। दोनों सेटों पर उस न्याय पंचायत की अलग-अलग ग्राम पंचायतों के बूथ पर प्रयुक्त मत पेटिकाएं खोली जाएंगी और चारों पदों की मतगणना एक साथ की जाएगी। जिस मेज पर जिस ग्राम पंचायत की मतगणना प्रारंभ की जाएगी, उस ग्राम पंचायत के सभी बूथों पर पड़े मतों की गणना उसी मेज पर पूरी की जाएगी। जिस न्याय पंचायत में अधिक बूथ होंगें, वहाँ पर रिजर्व कर्मियों में से एक अतिरिक्त दल बनाते हुये अतिरिक्त मेज लगाकर मतगणना कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि चारों पदों के मतपत्रों को अलग-अलग छांटकर उनकी पद वार 50-50 की गड्डियों में स्लिप के साथ बिना उम्मीदवार के मत की गणना किए रखा जाएगा। अंतिम गड्डी सदस्य के मतपत्रों को अलग-अलग बंडल में रखा जाएगा। पहले ग्राम पंचायत सदस्य और बाद में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के मतपत्रों की गणना की जाएगी। मतदान की गोपनीयता भंग करने का कोई चिन्ह पाए जाने पर उस मतपत्र को रद्द कर दिया जाएगा। ऐसे संदिग्ध मतपत्रों का अलग बंडल बनाने के साथ उस पर लगी पर्ची पर संदिग्ध मतपत्रों की कुल संख्या लिखी होगी। इन मतपत्रों पर निर्वाचन अधिकारी का आदेश अंतिम रूप से मान्य होगा।
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मतगणना केंद्र में वर्जित होगा मोबाइल फोन
डीएम ने बताया कि मतगणना केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि केवल प्रेक्षक, निर्वाचन अधिकारी, मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी को मतगणना केन्द्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी। मतगणना कक्ष व हाल में उपस्थित लोगों का भी बार-बार अंदर-बाहर आना-जाना नियंत्रित रहेगा। यदि कोई उम्मीदवार मतगणना के समय उपस्थित होने में असमर्थ हैं, तो वह गणना अभिकर्ता की नियुक्ति करके गणना की तिथि से एक दिन पहले तक निर्वाचन अधिकारी को उसके नियुक्ति पत्र की एक प्रति देगा, जिससे कि निर्वाचन अधिकारी द्वारा उसका प्रवेश पत्र जारी किया जा सके। मतगणना के दौरान गणना अभिकर्ता व अन्य किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। एक बार अभिकर्ता व अन्य लोग अंदर जाने के बाद परिणाम घोषित होने के बाद ही मतगणना कक्ष से बाहर जा सकेंगे।
मतगणना की कराई जाएगी वीडियोग्राफी
डीएम ने स्पष्ट किया कि चारों पदों की मतगणना एक साथ कराई जाएगी। प्रत्येक विकास खंड के मतगणना स्थल पर एक वरिष्ठ व अनुभवी अधिकारी को जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया जाएगा जो प्रशासनिक व्यवस्था व कानून व्यवस्था के लिए उत्तरदायी होगा। प्रत्येक मतगणना कक्ष में मतगणना प्रारंभ होने से समाप्त होने तक पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। निर्वाचन अधिकारी का दायित्व होगा कि मतगणना को शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से सम्पन्न कराने हेतु पर्याप्त एवं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखें। सुरक्षा बल गणना हाल/ पंडाल के बाहर तैनात होंगे और उसे निर्वाचन अधिकारी की अनुमति के बिना अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रति दो मतगणना केंद्र पर एक पुलिस क्षेत्राधिकारी और प्रत्येक मतगणना केंद्र पर थानाध्यक्ष स्तर के पुलिस निरीक्षक तैनात रहेंगे।
समान वोट मिलने पर पर्ची से तय होगी हार-जीत
डीएम ने बताया कि मतों की गणना किए जाने पर यदि किन्हीं दो या दो से अधिक उम्मीदवारों को बराबर मत प्राप्त होते हैं तो उप्र चायत राज नियमावली 1994 के नियम 54, एवं नियम 55 के तहत निर्वाचन अधिकारी उन उम्मीदवारों के बीच पर्ची डालकर तत्काल निर्णय करेंगे। ऐसी स्थिति में जिस उम्मीदवार के नाम पर्ची निकलेगी, उसकी पर्ची को अतिरिक्त मत प्राप्त हुआ मानकर विधिक प्रक्रिया अनुसार निर्वाचन परिणाम घोषित किया जाएगा।
प्रशिक्षण में एसपी एस आनंद, उप जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत)/ एडीएम फाइनेंस गिरिजेश कुमार चौधरी, संयुक्त मजिस्ट्रेट विशाल कुमार, डीआरडीए के परियोजना निदेशक डीपी सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
मतगणना स्थल पर गुंडागर्दी करने वाले को मार दी जाएगी गोली एसडीएम
जैतीपुर। शनिवार को ब्लॉक मुख्यालय पर पंचायत चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आए एसडीएम तिलहर सुरेंद्र कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ या मतगणना स्थल पर गुंडागर्दी करने वाले को गोली मारने के आदेश हैं। शरारती तत्वों को जेल भेजा जा रहा है।
दरअसल जैतीपुर का मतगणना स्थल कस्बे के एक इंटर कॉलेज में होता आ रहा है, जिसे बदलवाने के लिए कुछ प्रत्याशी बीती नौ मार्च को ग्रामीणों के साथ ब्लॉक मुख्यालय में धरने पर बैठे थे। दूसरे दिन शाम को खंड विकास अधिकारी के मतगणना स्थल बदलाने के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया था, लेकिन दोबारा उसी कॉलेज को मतगणना स्थल बनाने की सूचना पर प्रधान पद के प्रत्याशी ब्लॉक मुख्यालय पर एसडीएम से मिलने पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम से मतगणना स्थल पर धांधली होने की आशंका जताई तथा दोबारा उसे कॉलेज को मतगणना स्थल बनाए जाने की नाराजगी व्यक्त की। इस पर एसडीएम तिलहर ने उन लोगों को समझाते हुए कहा कि प्रशासन अपने हिसाब से कार्य कर रहा है। पहले मतगणना स्थल को कॉलेज में बोर्ड की परीक्षाओं के चलते बदला गया था। दूसरा जगह मतगणना स्थल बनाने के लिए देखी गई, लेकिन वहां व्यवस्थाएं नहीं हैं। बोर्ड की परीक्षाएं टल जाने के बाद मानक के अनुरूप विद्यालय को ही मतगणना स्थल बनाया गया है। प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कहा कि अगरकेंद्र या मतगणना स्थल पर कोई गुंडागर्दी होती है, तो उसे सीधे गोली मारने के आदेश हैं। इसलिए सभी लोग प्रशासन पर भरोसा रखें और अपने अपने चुनाव पर ध्यान दें। अगर कहीं कोई समस्या है तो उन्हें तत्काल सूचित करें।
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