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Shahjahanpur News: धान क्रय केंद्रों की खुली पोल, 41 में मात्र 18 खुले मिले

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पुवायां मंडी में निरीक्षण करते डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय। संवाद
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पुवायां। सरकार की ओर से खुलवाए गए धान क्रय केंद्रों पर किसान परेशान हो रहा है और कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। बुधवार को डिप्टी आरएमओ के निरीक्षण में सामने आया कि पुवायां और बंडा मंडी में लगे कुल 41 क्रय केंद्रों में मात्र 18 के सेंटर प्रभारी ही मौजूद थे।
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पुवायां मंडी में आरएफसी के आठ, पीसीएफ और यूपीएसएस के तीन-तीन, पीसीयू के दो, एफसीआई का एक सहित कुल 17, बंडा मंडी में आरएफसी के 12, पीसीएफ और यूपीएसएस के चार-चार, पीसीयू के तीन, मंडी का एक सहित कुल 24 क्रय केंंद्र खोले गए हैं।
बुधवार को डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय अचानक बंडा मंडी पहुंचे। मंडी में निरीक्षण के दौरान आरएफसी के दस क्रय केंद्रों और मंडी के एक सेंटर को छोड़कर अन्य किसी एजेंसी के सेंटर खुले नहीं मिले। इसके बाद वह पुवायां मंडी पहुंचे तो यहां भी आरएफसी के छह और एफसीआई का एक क्रय केंद्र खुला मिला।
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डिप्टी आरएमओ ने एआर कोऑपरेटिव को फोन करके नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार से मंडियों के गेट पर धान की नमी चेक की जाएगी और मानक अनुसार धान होने पर एक-एक ट्रॉली सभी क्रय केंद्रों पर भेजी जाएगी। धान खरीद में लापरवाही नहीं की जाएगी। डिप्टी आरएमओ की ओर से मुआयने में क्रय केंद्र प्रभारियों की बड़ी लापरवाही पाए जाने के बाद भी उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने बताया कि जिन केंद्रों के प्रभारी गायब मिले हैं, पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। अगर अगली बार से कोई गायब मिला तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। बंडा मंडी में आरएफसी के क्रय केंद्रों पर मात्र 210 क्विंटल की खरीद हुई है। शेष केंद्रों की खरीद शून्य है। उधर पुवायां मंडी में लगे 17 सेंटरों में से आरएफसी के छह केंद्रों पर एक हजार क्विंटल धान की खरीद की गई है।

148 क्रय केंद्रों में 18 पर 121 टन हुई धान खरीद

शाहजहांपुर। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू तो हो गई है लेकिन अभी रफ्तार काफी धीमी है। जिले में 154 क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें अभी तक 148 स्थापित हुए हैं। 18 क्रय केंद्रों पर 25 किसानों से 121.880 टन धान की खरीद अभी तक हो पाई है। पुवायां मंडी में सबसे अधिक खरीद हो रही है।
जिले को इस सीजन में धान खरीद का लक्ष्य 305000 टन दिया गया है। चार अक्तूबर से जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हुई। धान में अधिक नमी होने पर क्रय केंद्रों पर धान खरीद धीमी चल रही है, जबकि इसके सापेक्ष निजी आढ़तों पर जमकर खरीद हो रही है। निजी में खरीद 1700 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल के बीच हो रही है। सरकार ने समर्थन मूल्य सामान्य धान के लिए 2,369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ए के धान के लिए 2384 रुपये प्रति क्विंटल रखा है।
खाद्य विपणन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक साढ़े चार हजार से अधिक किसानों ने खरीद के लिए पंजीकरण करा लिया है। प्रशासन की ओर से प्रत्येक मंडी में धान की नमी मापने के लिए दो लेखपालों को तैनात किया गया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश मोहन पांडेय ने बताया कि धान में नमी कम होने के साथ खरीद का आंकड़ा बढ़ रहा है। बीच में बारिश हो जाने से किसान का धान भीग गया। इससे धान की आवक में कमी आई है। संवाद



धान खरीद में आरएफसी अव्वल, अवकाश में भी खुलेंगे केंद्र

रोजा। रोजा मंडी में धान खरीद के लिए 15 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें आरएफसी के छह केंद्र हैं। एक केंद्र पर प्रभारी की नियुक्ति ही नहीं है। रोजा मंडी में किसानों की सुविधा के लिए डीएम के निर्देश पर गेट पर ही नमी नापने का कार्य शुरू कर दिया गया है। यदि काश्तकार का धान मानक के अनुरूप है और उसके पंजीकरण के कागजात पूरे हैं तो उसका धान सरकारी क्रय केंद्र पर भेज दिया जाता है। यदि धान में नमी है तो काश्तकार को धान सुखाकर लाने की सलाह दे दी जाती है या काश्तकार अपना धान खुले बाजार में भी बेच सकता हैं। बुधवार तक आरएफसी के केंद्रों पर लगभग 440 क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। पीसीयू के एक केंद्र पर अब तक मात्र 65 क्विंटल ही धान खरीद हो पाई है।

नायब तहसीलदार को सूने मिले निगोही के सभी क्रय केंद्र

निगोही। एसडीएम रवींद्र कुमार के निर्देश पर नायब तहसीलदार पूनम मधुकर ने बुधवार को क्षेत्र में संचालित सफौरा, बछूली और विक्रमपुर चकोरा गांव के क्रय केंद्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें सभी केंद्र सूने मिले और वहां कोई किसान भी नहीं दिखा। नायब तहसीलदार ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर एक-दो दिन में खरीद शुरू करने के केंद्र प्रभारियों को किसानों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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