कुर्रियाकलां में तेज हवा और बारिश के कारण गिरी फसल। संवाद
शाहजहांपुर। बारिश के साथ तेज हवा के थपेड़ों से ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों बीघा धान और गन्ने की फसलें खेतों में गिर गई हैं। बृहस्पतिवार को देर रात से शुक्रवार को दिन भर बारिश की झड़ी लगी रहने से किसानों को फसलें सूख नहीं पाने की दशा में चौपट हो जाने की आशंंका है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जो किसान बाढ़ और नदियों के कटान में अपनी फसलें और जमीनें गवां चुके हैं, वह फिर से बारिश होने अपनी बाकी बची फसलें खराब होने से बेहद चिंतित हैं।
जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर शर्मा ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान धान की फसल को होने की आशंका है। तेज हवा से बालीयुक्त धान के खेत पर गिरने से फफूंद लगने की आशंका रहती है। अगर तीन-चार दिन मौसम नहीं खुलता है और बारिश होती रहती है तो नुकसान ज्यादा हो सकता है। हालांकि करीब 20 प्रतिशत धान अब तक कट चुका है। शनिवार से टीम लगाकर नुकसान के आकलन के लिए सर्वे कराया जाएगा।
कांट के नगलाजाजू के कुलदीप शर्मा ने बताया कि उन्होंने 20 एकड़ खेत बटाई पर लेकर उसमें धान की फसल की, लेकिन बारिश और तेज हवा से आठ एकड़ फसल गिर गई। अब वह बटाईदारों के भुगतान को लेकर परेशान हैं। निकरा गांव के धीरपाल सिंह का करीब आठ बीघा धान खेत में गिर गए। उन्हें अब लागत निकालना भी कठिन लग रहा है।