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Shahjahanpur News: धान-गन्ने की फसलें खेतों में बिछीं

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जलालाबाद क्षेत्र के एलमनगर गांव में पानी व हवा के कारण खेत मे बिछी धान की फसल। संवाद
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शाहजहांपुर। पिछले 48 घंटों से लगातार तेज हवा के साथ हो रही बारिश से खेतों पर खड़ी फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया है। कटाई के मुहाने पर पहुंच चुकी धान की फसल कई इलाकों में खेतों में बिछ गई। गन्ने की फसल भी तेज हवा और बारिश से गिर गई। खेतों में पानी भरने से उड़द, मूंग, तिल समेत अन्य दलहनी और तिलहनी फसलों पर भी संकट गहरा गया है। सब्जियों में सड़न और फंगस का खतरा बढ़ गया है। इससे किसानों की लागत निकलना भी मुश्किल हो सकता है।
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कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विमल सिंह से मिले आंकड़ों के अनुसार जनपद की मुख्य फसल धान है। पूरे जनपद में इसका रकबा 209747 हेक्टेयर है। इसी तरह से दूसरी मुख्य फसल गन्ने की फसल का रकबा 19000 हेक्टेयर है। जनपद में धान और गन्ने की फसल तेज हवा के साथ बारिश होने से खेतों में बिछ गई है।
धान की फसल बिछने के बाद उसमें पानी भर गया है। इन फसलों के साथ मक्का को भी नुकसान हुआ है। सब्जियों के खेत अधिकतर डूब गए हैं। इसकी वजह से सब्जियों के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। उड़द, अरहर, तिल, मूंगफली आदि की फसलों को भी काफी नुकसान होने की आशंका है। इन फसलों के खेतों में पानी भर गया है। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि फसलों वाले खेत में ज्यादा समय तक पानी नहीं रहने दें। पानी को निकालने से नुकसान की संभावना कम हो जाएगी।
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फसल गिरने से उड़ गई किसानों की नींद
पुवायां। लगतार दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। धान और गन्ने की फसल गिरने से उपज पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका है। उधर गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इससे नदी किनारे खड़ी फसल डूबने लगी हैं।
बेवक्त की बारिश से धान की कटाई रुक गई है। कई किसानों का धान पूरी तरह से पका खड़ा है तो कई खेतों में धान में फल आ रहा है। बारिश से धान खेतों में गिर गया है और पानी भरे होने से धान के काला पड़ने की आशंका है। गन्ने की फसल गिरने से चूहे फसल को नुकसान पहुंचाएंगे और गन्ने का वजन भी घट जाएगा। गोमती नदी किनारे तो कई खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह से डूब गई है। संवाद

फसल क्षति का 24 घंटे में सर्वे कराने के निर्देश

शाहजहांपुर। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। उन्होंने बारिश से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि अगले 24 घंटों के अंदर सभी लेखपालों के माध्यम से किसानों की फसल क्षति का सर्वे कराया जाए। सर्वे के बाद क्षति का विवरण पोर्टल पर फीड किया जाए, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार जल्द से जल्द फसल क्षति का मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे के कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और वास्तविक क्षति का सही आकलन किया जाए। डीएम ने कहा कि शासन और प्रशासन किसानों को बारिश से हुई फसल क्षति की शासनादेश के अनुसार भरपाई कराने के लिए पूरी तरह तत्पर है। संवाद
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