महात्मा गांधी ने देश की स्वतंत्रता के लिए और लाल बहादुर शास्त्री ने देश की समप्रभुता को बचाए रखने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। स्वामी शुकदेवानंद सरस्वती आचरण और विचार से गांधीवादी थे। उन्हाेंने जीवन भर खादी के वस्त्र पहने और 1947 में आश्रम में प्रात: कालीन प्रार्थना की परंपरा प्रारंभ की, जो अब तक जारी है। उन्होंने गांधी के सर्वधर्म समभाव को अपने आचरण में उतारते हुए सभी धर्मों और जातियों के व्यक्तियों के लिए निष्पक्ष भाव से आश्रम के दरवाजे खुले रखे। यह बातें गांधी और शास्त्री जयंती के मौके पर एसएस कॉलेज में मुमुक्ष शिक्षा संकुल के अधिष्ठता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहीं।
उन्होंने कहा कि ऐेसे गांधीवादी संत की शिक्षण संस्थाओं में पढ़ाने वाले शिक्षकों और पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से अपेक्षा है कि वह गांधीवादी विचाराें को अपने आचरण में उतारें और समाज को गांधीवादी चिंतन के अनुसार एक नई दिशा देने का सक्रिय प्रयास करें। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि गांधी ने स्वतंत्रता, सुशासन, स्वच्छता और स्वस्थ भारत का सपना देखा था, जिसे हम सबको मिलकर पूरा करना है। इस दिशा में प्रधानमंत्री मोदी की योजनाएं एक सार्थक कदम हैं। इसके बाद महाविद्यालय के सभी विभागों में शिक्षकों तथा छात्रों द्वारा स्वयं सफाई कार्य किया गया और पर्यावरण की स्वच्छता के लिए महाविद्यालय परिसर में, नहर के किनारेे तथा मुख्य मार्ग के किनारे पौधरोपण भी किया। पौधरोपण में रवि गुप्ता, डॉ. संजय बरनवाल, एसपी डबराल, डॉ. देवेन्द्र सिंह, डॉ. संतोष प्रताप सिंह, डॉ. गौरव सक्सेना, डॉ. सचिन खन्ना, वंदना अग्रवाल, गुलफशा खान, अदील अहमद, डॉ. जगदीश कुमार, डॉ. दीपक मिश्रा, डॉ. विजय तिवारी, डॉ. अजय वर्मा, पवन गुप्ता, अशोक कुमार, नलनीश सिंह, विक्रम गुप्ता, अखिलेश, विपिन कुमार, नीरज वर्मा, गंगा दयाल, रमेसुर, संतराम वर्मा, राजाराम आदि शामिल थे।
स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में हुआ पुष्पांजलि कार्यक्रम
रविवार को स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में गांधी जयंती पर पुष्पांजलि कार्यक्त्रस्म हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की भी जयंती मनाई गई। महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि दोनों महापुरुषों में काफी समानता है। दोनों ने देश की एकता, सामाजिक समरसता बनाये रखने में महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता के साथ-साथ स्वच्छता को भी विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री के विचार जय जवान जय किसान को आगे बढ़ाया जाना चाहिये और सैनिक कल्याण कोष में नियमित एक रुपया की दर से योगदान करने की अपील की। इस दौरान स्वामी शुकदेवानंद पी जी कालेज के वाणिज्य संकायाध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल, विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय बरनवाल, प्राध्यापक पवन कुमार गुप्ता, अशोक कुमार, विजय सिंह, डॉ. रघुवीर सिंह, डॉ. दीप्ति गंगवार, वंदना खंडेलवाल, अजीत यादव मल्लिकार्जुन, मृदुल शुक्ला, आरेन्द्र सिंह, शिवओम शर्मा, रोहित, प्रमोद, हरीश, मनोज आदि मौजूद थे।