गर्रा नदी के किनारे उल्लू पूजन करते पृथ्वी संस्था के पदाधिकारी। संंस्था
शाहजहांपुर। पर्यावरण एवं सामुदायिक हितों के प्रति समर्पित शहर की संस्था पृथ्वी की ओर से नरक चतुर्दशी पर गर्रा नदी के किनारे विश्व शांति के लिए उल्लू पूजन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में एसएस काॅलेज के उप प्राचार्य डाॅ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि इस वर्ष उल्लू विश्व के शक्तिशाली नेताओं के सिर पर बैठा है जिससे सारी दुनिया में तृतीय विश्वयुद्ध की आहट सुनाई पड़ने लगी है। मध्य एशिया में हो रहे युद्धों में मानवीयता को अमूल्य क्षति पहुंच रही है, इसलिए यह आवश्यक है कि विश्व संस्थाएं इसका मूल समाधान खोज सकें। संस्था अध्यक्ष डाॅ. विकास खुराना ने कहा कि उल्लू अंधकार का प्रतीक है। यह मद, काम, ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध की शक्ल में मानव मस्तिष्क पर हावी हो जाता है। चेतना को झकझोरने मात्र से ही इससे बचा जा सकता है। उल्लू पूजन के यजमान डाॅ. आलोक दीक्षित, सह यजमान डाॅ. एमपी सिंह और डाॅ. विकास पांडे रहे। मंत्रोच्चारण पुरोहित डाॅ. श्रीकांत मिश्रा ने किया। अगरबत्ती प्रज्ज्वलन के बाद डाॅ. संजय पांडे ने संकलित उल्लू चालीसा और आरती का गान किया। इसके बाद उल्लू का तर्पण गर्रा नदी में किया गया। इस मौके पर संस्था सचिव डॉ. धीरज रस्तोगी, डाॅ. मनोज मिश्रा, सरदार राजू बग्गा, डाॅ. रामशंकर पांडे, डाॅ. धर्मवीर आदि मौजूद रहे।