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लॉकडाउन में फंसे बाहरी लोगों की छानबीन में जुटे अफसर

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शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पहले चरण का लॉकडाउन घोषित होने के बाद देश-प्रदेश के विभिन्न जनपदों समेत विदेश से जिले के लगभग दस हजार लोग लौटे हैं। शासन के निर्देशानुसार जिले के अफसर बाहर से आए ऐसे लोगों की तलाश में जुटे हैं, जो अन्य जनपदों और राज्यों के रहने वाले हैं। 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके ऐसे सभी लोगों की पहचान कर उन्हें जल्द घरों तक भिजवाने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
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लॉकडाउन लागू होने के कारण दिहाड़ी और रोजगार छिनने पर गत मार्च माह के अंतिम सप्ताह में दिल्ली, नोएडा, बिहार समेत विदेश गए लोगों की घर वापसी का दौर शुरू हो गया था। यात्रा के साधन नहीं मिलने पर तमाम मजदूरपेशा लोग सैकड़ों किमी पैदल सफर कर यहां आए थे। ऐसे लोगों से जिले में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने महानगर से लेकर गांव स्तर पर शेल्टर होम बनाए गए, लेकिन ज्यादातर लोगों ने उनमें रुकने के बजाय घरों की राह पकड़ ली। यह लोग गांव पहुंचकर भी वहां के आश्रय स्थलों में रुकने के बजाय घरों मेें शरण ली। बाहर से घर वापसी का दौर थमने पर प्रशासन ने इनकी स्वास्थ्य जांच कराई, लेकिन सभी वायरस के संक्रमण जैसे लक्षणों से मुक्त पाए गए थे।
इसी दौरान तमाम ऐसे लोग भी यहां आकर फंस गए, जिन्हें लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, कानपुर आदि आसपास के जिलों तक पहुंचाना था। इनके लिए प्रशासन ने रोडवेज की स्पेशल बसें चलवाईं। बाद मेें प्रशासन ने बाहर से आए ऐसे सभी लोगों की खोजबीन कराई तो पता चला कि शाहजहांपुर में रहने वाले 1706 लोग दूसरे जिलों से यहां पहुंचे। अन्य प्रदेशों से 7493 और विदेश से 158 लोग यहां आए हैं। इन सभी की क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद अब अधिकारी ऐसे लोगों की खोजबीन कराने में जुटे हैं, जो दूसरे राज्य और जनपदों के रहने वाले हैं। ऐसे लोगों की घर वापसी कराने के लिए थाना स्तर पर जांच कराई जा रही है। फिलहाल रेलवे के काम में लगे छत्तीसगढ़ के 45 और पश्चिम बंगाल के 18 मजदूर सामने आ चुके हैं।
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धर्मशाला में रुके गुजराती परिवार
खिरनीबाग की रामचरन धर्मशाला में गुजराती मूल के कई परिवार शरण लिए हुए हैं। सभी लॉकडाउन से पहले फेरी लगाकर साड़ियां बेचने का कारोबार करते हैं। लखनऊ से यहां होली के बाद आए थे, लेकिन लॉकडाउन लागू होने पर फंस गए। धर्मशाला में रह रहे इन लोगों में सुनील गुजराती, अनिल गुजराती, रवि उर्फ पप्पू, मंजू देवी, आरती, पूजा, ममता समेत बच्चे किरन, खुशी और काजल शामिल हैं। शुरुआत मेें धर्मशाला के प्रबंधक नीरज वाजपेयी ने आदर्श व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पंकज वर्मा सराफ के सहयोग से इनके भोजन की व्यवस्था की, लेकिन प्रशासन की निगरानी में आने पर इन्हेें शुक्रवार से पुलिस के जरिए भोजन उपलब्ध कराया गया। खिरनीबाग के साईं यात्री निवास में भी प्रशासन को गुजरात के कुछ लोगों के ठहरे होने की सूचना मिली, लेकिन वहां ताला पड़ा मिला।
शहबाजनगर मेें मीटर गेज रेलवे लाइन को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने के लिए रेलवे ने भागलपुर (छत्तीसगढ़) के 45 मजदूर काम पर लगा रखे हैं। इन सभी रेल मजदूरों और उनके परिवारों से प्रशासन का शुरू से संपर्क बना है और लॉकडाउन खुलने पर भी यह मजदूर घर लौटने के बजाय यहीं काम पर बने रहेंगे। खिरनीबाग की एक धर्मशाला और यात्री निवास में गुजरात के कुछ परिवारों के रुके होने की सूचना मिली है और उन्हें घर भेजने के लिए उनसे संपर्क किया जा रहा है।
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- रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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