भैंसी नदी का निरीक्षण करते एडीएम प्रशासन। स्रोत लोकभारती कार्यकर्ता
पुवायां। मंगलवार को एक युवक ने भैंसी नदी में खोदाई रुकवा दी। उसने कहा-जिस जमीन पर खोदाई हो रही है, वहां उसके बाबा खेती करते थे, इस कारण जमीन उसकी है।
भैंसी नदी में 15 वर्ष से पानी नहीं होने के कारण तमाम लोगों ने नदी को जोतकर समतल बनाने के बाद खेती करनी शुरू कर दी थी। गांव बिलसिया और मोतीपुर के बीच लोगों ने भैंसी नदी का नामोनिशान मिटा दिया गया। मंगलवार को जेसीबी से खोदाई का काम शुरू हुआ तो एक युवक ने जेसीबी बंद करा दी और दावा किया कि जमीन उसकी है।
मौके पर मौजूद स्वयंसेवकों ने कागजात दिखाने के लिए कहा तो युवक ने कहा कि उसके बाबा जमीन पर खेती करते थे, इस कारण जमीन उसकी है। युवक ने अपना नाम और पता भी नहीं बताया। स्वयंसेवकों की सूचना पर एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने पुलिस को मौके पर भेजा, लेकिन युवक उससे पहले ही भाग निकला।
मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में राजस्व टीम ने पैमाइश कर नदी की भूमि पर खोदाई का काम शुरू कराया। मंगलवार को बंडा क्षेत्र में पांच और पुवायां क्षेत्र में दस जेसीबी से नदी की खोदाई का काम जारी रहा। दोपहर में एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्रा ने करनापरु, पन्नघाट और चरखी देवरी में मौके पर पहुंचकर खोदाई कार्य देखा और राजस्व टीम को मौके पर रहकर कार्य तेजी से कराने के निर्देश दिए।