शाहजहांपुर/रोजा। किसानों को धान का समर्थन मूल्य दिलाने के लिए कहने को सरकारी खरीद शुरू हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अधिकतर क्रय केंद्र अभी तक अस्तित्व में नहीं आने से किसानों को आढ़तों पर औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। अमर उजाला में किसानों की व्यथा पढ़ने के बाद डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को दोपहर रोजा मंडी जाकर वहां के क्रय केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कई केंद्र नहीं खुलने पर संबंधितों पर कार्रवाई के निर्देश दिए और तौल कांटों पर खुद खड़े होकर वजन की जांच की। बाद में अन्य सेंटरों पर उपलब्ध संसाधनों समेत वहां के अभिलेखों का निरीक्षण किया।
डीएम ने सबसे पहले रोजा मंडी पहुंचकर सेंटरों की गिनती कराई। पता चला कि अभी आरएफसी, एफसीआई और विपणन शाखा के सेंटर खुले हैं, लेकिन पीसीएफ, एसएफसी, पीसीयू और विपणन शाखा का प्रस्तावित रोजा-3 अभी नहीं खोले गए हैं। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर कर प्रभारी अधिकारी धान खरीद अमरपाल सिंह को केंद्र प्रभारियों एवं संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
विपणन शाखा के सेंटर पर लगे तौल कांटों पर खुद चढ़कर चेक किया, लेकिन उनमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली। उन्होंने आरएफसी प्रथम और एफसीआई केंद्र पर किसान पंजिका, क्रय पंजिका, बोरा पंजिका, स्टॉक पंजिका, निरीक्षण पंजिका, शिकायत पंजिका आदि का निरीक्षण किया। अधिकांश रजिस्टर कोरे पाए जाने पर केंद्र प्रभारी ने सफाई दी कि धान में नमी की अधिकता से सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। डीएम ने नमी मापक से धान के एक ढेर की जांच कराई तो उसमें 23.7 प्रतिशत नमी पाई गई। बाद मेें आढ़तों पर जाकर नीलामी प्रक्रिया का जायजा लिया और अपने सामने मैगलगंज (खीरी) से आए मलकीत सिंह का 19 फीसदी नमी वाला लगभग 100 क्विंटल धान 1521 रुपये की दर से नीलाम कराया। इस मौके पर मंडी सचिव नवीन कोहली और केंद्र प्रभारी मौजूद रहे।
प्याज की आढ़तों का एसडीएम ने किया निरीक्षण
शाहजहांपुर। एसडीएम सदर वेद सिंह चौहान ने प्याज की जमाखोरी रोकने के लिए शुक्रवार को दोपहर अधिकारियों की टीम के साथ रोजा मंडी में प्याज की आढ़तों पर छापा मारा। इस बीच, डीएम ने सभी तहसीलों में प्याज की कीमतें स्थिर रखने और जमाखोरी रोकने को क्षेत्रीय एसडीएम के नेतृत्व में प्रवर्तन टीमें गठित कर दी हैं।
एसडीएम चौहान के अनुसार रोजा मंडी में प्याज की छह-सात आढ़तें हैं। शासन ने थोक विक्रेताओं के लिए 50 टन एवं फुटकर विक्रेताओं के लिए दस टन प्याज भंडारण सीमा तय की है, लेकिन निरीक्षण के दौरान किसी भी आढ़त पर स्वीकृत भंडारण सीमा से अधिक प्याज नहीं पाया गया। इधर, डीएम द्वारा गठित तहसील स्तरीय प्रवर्तन टीमों मेें आरएमओ, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों, पूर्ति निरीक्षकों, मंडी सचिव आदि अधिकारियों को शामिल किया गया है।