शाहजहांपुर। परिवार रजिस्टर से छेड़छाड़ के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय/एमपी एमएलए कोर्ट ने तिलहर से भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा, नगर पंचायत के मुख्य लिपिक, पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा की कथित बहू व अन्य पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। रोशनलाल वर्मा के बेटे स्व. विनोद वर्मा की पत्नी रुचि वर्मा के प्रार्थना पत्र पर अदालत ने यह आदेश दिया। रुचि के मुताबिक विधायक और लिपिक की मदद से परिवार रजिस्टर में छेड़छाड़ कर सरिता यादव का नाम उनके दिवंगत पति की पत्नी के रूप में दर्ज कर दिया गया है।
रुचि वर्मा पत्नी स्व. विनोद वर्मा ने दंड प्रकिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था कि उनके ससुर रोशनलाल वर्मा राजनीतिक व्यक्ति हैं। हाल में हुए चुनाव में वह भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाहा से हार गए थे। इसके बाद से सलोना कुशवाहा लगातार उनके परिवार को आर्थिक, सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं। निगोही ग्राम पंचायत 2019 में नगर पंचायत के रूप में अधिसूचित की जा चुकी है। ग्राम पंचायत अधिकारी से परिवार रजिस्टर नगर पंचायत में लिया गया था।
विधायक ने अपनी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल करते हुए 15 जुलाई 2022 को नगर पंचायत निगोही से निरीक्षण की बात कहते हुए परिवार रजिस्टर मूल रूप में ले लिया था। साजिश के तहत नगर पंचायत के लिपिक दानिश खां और सरिता यादव से मिलकर दस्तावेज में जालसाजी और कूटरचना करते हुए परिवार रजिस्टर में उनके मृत पति की पत्नी के रूप में सरिता यादव का नाम अंकित कर दिया। रुचि के मुताबिक पूर्व में जारी नकलों में सरिता का नाम दर्ज नहीं है।
रुचि के मुताबिक इससे पहले एक ग्राम पंचायत अधिकारी को स्व. विनोद वर्मा की पत्नी के रूप में सरिता यादव का नाम बढ़ाने के लिए धमकाया गया था। इससे परेशान होकर उन्होंने अपना त्यागपत्र जिला पंचायत अधिकारी को भेज दिया था। रुचि ने बताया कि परिवार रजिस्टर में छेड़छाड़ गंभीर अपराध है। इसके उनके पास साक्ष्य भी हैं। इसकी सूचना उन्होंने थाना निगोही, एसपी, डीएम व डीजीपी आदि को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर न्यायालय की शरण ली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपी एमएलए कोर्ट असमा सुल्ताना ने निगोही थानाध्यक्ष को उचित धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत करते हुए विवेचना कराने के आदेश दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में मानी गई रजिस्टर से छेड़छाड़
रुचि वर्मा द्वारा न्यायालय में प्रार्थना पत्र देने के बाद निगोही थाने से आख्या मांगी गई थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बताया कि नियमानुसार परिवार रजिस्टर किसी को भी नहीं दिया जा सकता। जनप्रतिनिधि या अधिकारी कार्यालय में ही निरीक्षण कर सकते हैं। रजिस्टर सलोना कुशवाहा द्वारा प्राप्त किए जाने का कोई भी अभिलेखीय साक्ष्य नहीं मिला है। सरिता यादव खुद को दिवंगत विनोद कुमार वर्मा की पत्नी बताते हुए संपत्ति में हिस्सा प्राप्त करने के लिए परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने को कई बार प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं। जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि परिवार रजिस्टर में सरिता यादव का नाम किन परिस्थितियों में किसके द्वारा अंकित किया गया। परिवार रजिस्टर के सुरक्षित रखरखाव के लिए कस्टोडियन नगर पंचायत के मुख्य लिपिक दानिश खां हैं।
इस प्रकरण के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। यह सब मेरी राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश है। जांच में सब साफ हो जाएगा। - सलोना कुशवाहा, विधायक तिलहर