शाहजहांपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने किसान बचत पत्र की परिपक्वता धनराशि का भुगतान न करने पर चीफ पोस्टमास्टर जनरल समेत अन्य प्रतिवादियों को आठ प्रतिशत वार्षिक दर के साथ भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही 15 हजार रुपये अधिवक्ता की फीस और शारीरिक-मानसिक कष्ट व आर्थिक क्षति के रूप में भुगतान के लिए आदेशित किया है।
रंगमहला निवासी महेश चंद्र रस्तोगी ने आयोग में वाद दायर किया था। उन्होंने बताया था कि उन्होंने पांच-पांच हजार रुपये के चार किसान बचत पत्र खरीदे थे। अपनी आंख का ऑपरेशन कराने के लिए उन्हें धन की आवश्यकता थी। 23 सितंबर 2022 को भुगतान प्राप्ति के लिए बचत पत्र दिए। प्रत्येक बचत पत्र का परिपक्वता मूल्य 11 हजार 257 रुपये था।
केरूगंज के उपडाकपाल ने इनका भुगतान करने से इन्कार कर दिया। कुछ समय बाद चेक दिया गया। उन्होंने चेक टाउनहॉल स्थित एसबीआई शाखा में भुगतान के लिए जमा किया। यहां पर एक सप्ताह तक चेक को कैश नहीं किया गया। समय से रुपये न मिलने के कारण उनकी आंख का ऑपरेशन नहीं हो सका।
आयोग के अध्यक्ष जयगणेश सिंह, सदस्य नीतू भारती ने चीफ पोस्टमास्टर जनरल, यूपी सर्किल, मुख्य डाकपाल, मुख्य डाकघर, शाहजहांपुर, डिप्टी पोस्टमास्टर, मुख्य डाकघर, उपडाकपाल, उपडाकघर, केरूगंज को आदेशित किया कि निर्णय पारित होने की तिथि से 30 दिनों के अंदर 46030 रुपये 24 सितंबर 2022 से आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करें। इसके अलावा दस हजार रुपये शारीरिक, मानसिक, आर्थिक क्षति के लिए भी परिवादी को भुगतान करें। अधिवक्ता व्यय के लिए पांच हजार रुपये का भुगतान करें।