पुवायां में उप निबंधक को ज्ञापन देते वकील। संवाद
पुवायां। रजिस्ट्री विभाग को पूरी तरह से ऑनलाइन करने और फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने के विरोध में बार एसोसिएशन की ओर से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप निबंधक को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा कि प्रदेश सरकार एक जुलाई से रजिस्ट्री विभाग को पूरी तरह से ऑनलाइन करने और फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने की तैयारी में है। प्रदेश के सभी न्यायालयों और रजिस्ट्री कार्यालयों में हजारों अधिवक्ता और पंजीकृत कातिब (डीड राइटस) वर्षों से दस्तावेज लेखन और रजिस्ट्री का कार्य कर परिवारों की आजीविका चलाते हैं।
इस कार्य को निजी पोर्टल ऑपरेटरों को सौंपने से धोखाधड़ी और जालसाजी की आशंका बढ़ जाएगी। साथ ही प्राइवेट ऑपरेटरों के काम करने से बैनामा लेखकों का रोजगार छिन जाएगा। ज्ञापन में मांग की गई है कि स्टांप और पंजीयन विभाग के सभी कार्यों को पूर्व की भांति रखा जाए और काेई नई व्यवस्था लागू नहीं की जाए। इस मौके पर अध्यक्ष अजय पांडे, महामंत्री कुमार गौरव शुक्ला, अग्निवेश शुक्ला सहित कई वकील मौजूद रहे।
ई-पंजीकरण के विरोध में आंदोलन तेज करने का निर्णय
जलालाबाद। ई-पंजीकरण मॉड्यूल लागू करने के विरोध में अधिवक्ताओं की चल रही कलम बंद हड़ताल के बीच मंगलवार को बार संघ ने बैठक कर इस मुद्दे पर आंदोलन तेज करने का निर्णय किया।
तहसील बार संघ के अध्यक्ष अनिल पाठक ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने के बाद आने वाली तकनीकी समस्याओं से आम आदमी परेशान होगा और सरकार का यह निर्णय किसी के भी हित में नहीं है। इस मौके पर बार के महासचिव अमित परमार,अधिवक्ता विनोद चंद्र शर्मा, प्रशांत सक्सेना आदि मौजूद रहे। संवाद