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Shahjahanpur News: संशोधित-दिल्ली में प्रदर्शन के चलते विपक्षी नेता नजरबंद...रेलवे स्टेशन पर भी सतर्कता

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शाहजहांपुर में रेलवे स्टेशन पर पसरा सन्नाटा। संवाद - फोटो : Department
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शाहजहांपुर। नई दिल्ली में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर दिनभर पुलिस सतर्क रही। पुलिस ने विपक्षी नेताओं को नजरबंद कर रोक दिया। रेलवे स्टेशन पर भी सतर्कता रही। डाउन लाइन की दो ट्रेनें निरस्त रहने से काउंटर से बुक टिकट वापस कर रिफंड दिया गया, साथ ही जीआरपी और आरपीएफ ने अप लाइन पर निगहबानी बनाए रखी।
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मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार से ही पुलिस और प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी थी। सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता, महिला अध्यक्ष अर्चना कटारिया के अलावा कई युवा नेताओं को नजरबंद कर दिया गया।
उन्हें दिल्ली जाने से रोकने के लिए मकानों पर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया। अपलाइन की दो ट्रेनें निरस्त रहीं, जबकि शनिवार को देर रात में आने वाली डाउन लाइन की लखनऊ मेल और नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस को भी रद्द कर दिया गया। शनिवार को पूरे दिन प्लेटफॉर्म पर सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहे।
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खासतौर पर दिल्ली रूट की ट्रेनों और प्लेटफाॅर्म पर समूह में मौजूद युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखी गई। हालांकि, कोई भी व्यक्ति हत्थे नहीं चढ़ा। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक एसके ठाकुर ने बताया कि अप लाइन की ट्रेनों के निरस्त होने पर टिकटों की राशि का रिफंड कराया गया।

रोडवेज बसों पर नहीं रहा असर, निजी बसाें पर शिकंजा
प्रदर्शन को लेकर परिवहन निगम की बसों के संचालन पर असर नहीं दिखा। एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि बसें पूर्व की तरह संचालित होती रहीं। दूसरी ओर निजी बसों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया। निजी बस संचालकों के अनुसार, गाजियाबाद में काफी बसों को सीज कर दिया गया। इसके चलते शुक्रवार की शाम को नाममात्र की बसों का संचालन किया गया।

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष साथियों के साथ दिल्ली पहुंचे
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तकवीम हसन का दावा है कि वह अपने 50 साथियों के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि 12 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पार्टी नेतृत्व ने जिला और महानगर अध्यक्षों से अपने साथियों के साथ पहुंचने की अपील की है। बताया कि नौ अक्तूबर को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सह-प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी और प्रदेश प्रभारी राजेंद्र गौतम ने जूम बैठक कर दिल्ली पहुंचने के निर्देश दिए थे। इसके बाद वह पुलिस की घेराबंदी को दरकिनार कर दिल्ली पहुंचने में कामयाब हुए हैं।
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