ददरौल ब्लाक के एक गांव में प्राइमरी और जूनियर विद्यालय ग्राम पंचयत के खाद के गड्ढे की जमीन में अवैध रूप से संचालित हो रहे थे। इस वजह से विद्यालयों की मान्यता को प्रत्याहरित कर दिया गया। एक अप्रैल से शुरू हो रहे नवीन शैक्षिक सत्र से इस आदेश को अमल में लाया जाएगा।
क्षेत्र के पिपरौली की ग्राम प्रधान राजेश्वरी ने 18 दिसंबर 2012 को तहसील दिवस में शिकायत की थी कि श्री शिवराज सिंह शिक्षा केंद्र प्राइमरी और जूनियर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इनकी जांच कराकर मान्यता समाप्त कराई जाए। इस पर एसडीएम सदर ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित करके जांच कराई थी। जांच में शिकायत सही पाई गई।
टीम ने पाया कि विद्यालय ग्राम समाज की भूमि पर बना है, जो राजस्व अभिलेखों में खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज है। विद्यालय बनाने के लिए किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति भी नहीं ली गई। जांच टीम ने 14 मई 2013 को जांच टीम ने विद्यालयों को मौके पर निरीक्षण किया, भूमि अभिलेखों में दर्ज होने की वजह से दोनों विद्यालयों की मान्यता प्रत्याहरित करने की संस्तुति की। इस पर मान्यता को 10 अक्तूबर 2014 को बीएसए ने मान्यता प्रत्याहरण किया। इस आदेश को आगामी शैक्षिक सत्र में अमल में लाने के निर्देश दिए है।