विकास भवन सभागार में रविवार को डीएम राम गणेश ने जिले के 117 गांवों को 15 दिनों में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) कराने के तय लक्ष्य समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए संबंधित प्रधानों, सचिवों और एडीओ (पंचायत) की बैठक ली। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना अंतर्गत चयनित ग्रामों के प्रधानों से डीएम ने कहा कि यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि वे अपने गांव को तय समय सीमा में ओडीएफ करा लें। यह कार्य महज जिम्मेदारी ही नहीं, स्वाभिमान और प्रतिष्ठा से जुड़ा है। प्रधान इस तरह के कार्य करें कि लोग उन्हें याद करें। वह गांव की जनता के विकास की धुरी होते हैं। डीएम ने कहा कि शासन स्तर पर अब से तीन माह पूर्व विकास कार्यों में प्रगति की रैंकिंग में प्रदेश में अपना शाहजहांपुर जिला 74वें स्थान पर था। इन तीन माह में विकास कार्यों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने काम किया तो अपना जिला प्रदेश की रैंकिंग में 14वें स्थान पर आ गया है। इससे ज्यादा रैकिंग में सुधार नहीं हो पा रहा क्योंकि शौचालय निर्माण कर गांव को खुले में शौच मुक्त करने के बिंदु पर कम नंबर मिल रहे हैं। यदि 117 चयनित ग्रामों के ग्राम प्रधान, सचिव और एडीओ पंचायत मिलकर लगातार पर्यवेक्षण करते हुये काम करें तो जरूर जिले की रैंकिग अच्छी हो जायेगी। डीएम ने बताया कि शौचालय निर्माण हेतु चयनित ग्रामों को धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।
सीडीओ टीके शिबु ने कहा कि शौचालय बनाने के लिये जो सामग्री लगेगी उसका भुगतान करने के लिये सामग्री देने वाले का भुगतान उन्हें सीधे कर दें। मजदूरों को दैनिक वस्तुओं के क्रय हेतु किसी दुकानदार से कहकर दिला दिया जाये। उन्होंने कहा कि इस कार्य की प्रतिदिन समीक्षा की जायेगी और मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया जायेगा। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह समेत सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।