तिलहर। होली के उपलक्ष्य में मोहल्ला हिंदू पट्टी स्थित आईपीएस शिवमुरारी सहाय के आवास पर 22वें तहजीब-ए-तिलहर कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन शुक्रवार देर शाम किया गया। कार्यक्रम में कवियों और शायरों ने अपने कलाम पढ़कर लोगों को वाह-वाह करने पर मजबूर कर दिया।
शरफ पारखी ने कहा-
लहू से फूल खिलाने का सिलसिला रखना,
किसी ने कांपते होठों से इल्तेजा की है।
खुर्शीद हैदर ने कुछ यूं फरमाया-
गैर परों से उड़ सकते हैं हद से हद दीवारों तक,
अंबर पर तो वही उड़ेगा जिसके अपने पर होंगे।
चांदनी पांडे ने गुनगुनाया-
तुम जो होते तो बात कुछ होती,
अबकी बारिश तो सिर्फ पानी है।
एएम तुराज ने फरमाया-
मेरी तकदीर मेरा गम मेरा सदमा पता चलता,
कोई तेरा बिछड़ता तो तुझे मेरा पता चलता।
अजहर इनायती ने अपनी बात इस तरह कही-
अपनी तस्वीर बनाओगे तो होगा एहसास,
कितना दुश्वार है खुद को कोई चेहरा देना।
कार्यक्रम में कवि मदन मोहन दानिश, प्रकाश शुक्ला, खुशबू शर्मा, अनवर अमान, दीप्ति दीप, मंजुल मंजर आदि ने भी अपनी रचनाएं पेश कीं। इस दौरान विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव, सीओ बीएस वीर कुमार, एसडीएम राशि कृष्णा, गौरव सहाय, डॉ. आलोक अग्रवाल, डॉ. मनोज अग्रवाल, शकील तिलहरी, एजाज खान, सैयद मतलूब अहमद, प्रदीप कुमार गुप्ता, डॉ. प्रमोद मिश्रा, सत्यपाल गंगवार, मनोज कुमार गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, अर्पित गुप्ता, आयोजक आमिर मियां आदि मौजूद रहे।
तिलहर में आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे को सुनते श्रोतागण । संवाद