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गुरु कृपा से ही होता है ईश्वर दर्शन : विजय कौशल

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मुमुक्षु आश्रम में रामकथा सुनाते विजय कौशल। स्रोत : आयोजक
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शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम में चल रही श्री रामकथा के पांचवें दिन शनिवार को कथाव्यास विजय कौशल ने रामजन्म की कथा को आगे बढ़ाते हुए भगवान की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि जब कैलाश पर बैठे भगवान शिव, माता पार्वती से प्रभु की लीला का वर्णन करते हैं, तब पार्वती जी ने शिवजी से प्रभु की लीला के दर्शन की अभिलाषा व्यक्त की।
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शिवजी मां पार्वती के साथ बृजधाम आए और वहां अपना वेश बदलकर भगवान कृष्ण की रासलीला में शामिल हुए। जैसे ही कृष्ण ने बंसी बजाई, शिवजी भावविभोर हो नाचने लगे और उनका भेद खुलते ही भगवान कृष्ण मन ही मन मुस्कुराने लगे। कथा व्यास ने कहा कि कथा मात्र मनोरंजन के लिए नहीं होती। कथा तो मन और चरित्र को पवित्र करती है।
कथा व्यास ने आगे कहा कि राम के जन्म के उपरांत राजा दशरथ ने पूरे अवध में मिठाइयां और उपहार बंटवाए। शिवजी कैलाश पर्वत से अवधपुरी में आए और भगवान के बाल रूप के दर्शन किए। गुरु विश्वामित्र अवध में रामजी के दर्शन के लिए आए एवं उन्हें अपने साथ गुरु आश्रम ले गए। कथाव्यास ने गुरु की महिमा का बखान करते हुए कहा कि गुरु की कृपा से ही भगवान के दर्शन होते हैं।
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कथा के दौरान मंच पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद, महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद, स्वामी अभेदानंद, स्वामी सर्वेश्वरानंद, स्वामी गंगेश्वरानंद, स्वामी विवेकानंद एवं पंडित रमाशंकर उपाध्याय उपस्थित रहे। इस दौरान राज्यसभा सांसद मिथलेश कुमार, सांसद अरुण सागर, कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस, रमेश भइया, राम सागर यादव, दुर्गावती यादव, बाबूराम गुप्ता, अनूप गुप्ता, जीएस वर्मा, सुरेश सिंघल, प्राचार्य प्रो. आरके आजाद, उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

मुमुक्षु आश्रम में रामकथा सुनाते विजय कौशल। स्रोत : आयोजक

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