गांव मोहनपुर में चल रहे यज्ञ में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। तमाम महिलाओं ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
यज्ञ स्थल पर चल रही रामकथा में प्रवचन करते हुए संजीवनी मिश्रा ने कहा कि राक्षसों के हनुमान जी की पूंछ में आग लगा देने के बाद केवल विभीषण का घर छोड़ कर सारी लंका जल कर राख हो गई। रामभक्त होने के कारण विभीषण पर कोई आंच नहीं आई। इसी प्रकार प्रभु के भक्तों से समस्त प्रकार की बाधाएं दूर ही रहती हैं। उन्होंने श्रोताओं को रामकथा के अन्य प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मनुष्य यदि संध्या बेला में श्रीराम जी का नमन करकेे शयन करे और प्रात: राम नाम का उच्चारण करता हुआ जागे तो उसके तमाम पाप और बाधाएं दूर हो जाती है। यदि निर्मल मन से भगवान का ध्यान किया जाए तो वह भक्त का पुत्रवत ख्याल रखते हैं। उन्होंने ‘तुमने आंगन नहीं बुहारा, कैसे आएंगे भगवान’ भजन सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।