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सवा और एक किलो के आलू उगाए किसानों ने

Tue, 10 Mar 2015 07:55 PM IST
शाहजहांपुर।
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बिहार प्रांत के बहमट जमुई में हुई ‘बड़ा आलू लाओ’ प्रतियोगिता में भले ही 625 ग्राम, भागलपुर में 722 ग्राम और छपरा में 743 ग्राम का आलू उपजाकर प्रतियोगिताओं में प्रथम पुरस्कार पाया हो, लेकिन जिले के किसान भी कम नहीं। यहां किसानों ने सवा किलो और एक किलो वजन तक के आलू उगाए हैं। छह किलो वजन की मूली भी शाहजहांपुर को प्रदेश में गौरव दिला चुकी है। जिले को औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही कृषि क्षेत्र में अच्छा उत्पादन करने का गौरव प्राप्त है। गन्ना और गेहूं के उत्पादन के साथ ही इस बार आलू की खेती में किसानों ने परचम लहरा दिया है।
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जवाहर ने उगाया सवा किलो का आलू
पुवायां। क्षेत्र के गांव बसखेड़ा बुजुर्ग निवासी जवाहर सिंह के खेत में सवा किलो का आलू निकला है। मंगलवार को वह आलू लेकर पुवायां स्थित अमर उजाला कार्यालय पहुंचे। सिंह ने कहा कि इस वर्ष उन्होंने बाग में आलू की खेती की थी। आलू में गोबर की खाद का प्रयोग किया था। रसायनिक खाद और कीटनाशक आदि न के बराबर प्रयोग किया। बताया कि आलू की फसल की निराई आदि पर विशेष ध्यान दिया। खुदाई शुरू हुई तो खेत में छोटे आलू बेहद कम निकले। तमाम आलू चार सौ ग्राम से लेकर आधा किलो तक के निकले। कुछ आलू एक किलो से लेकर सवा किलो तक के थे। सबसे बड़ा आलू सवा किलो का निकला है।

शहर से सटे लोधीपुर क्षेत्र के अय्यूब हुसैन खां पुत्र तम्मी खां के खेत में 970 ग्राम का आलू निकला हैं। उन्होेंने बताया कि पुखराज किस्म के इस आलू की पैदावार उनके खेतों में खूब हुई है। कहा कि आधा किलो से लेकर पौना एक किलो के तमाम आलू उनके खेत में निकले हैं। वह कहते हैं कि वह और उनके भाई अली हुसैन मिलकर करीब ढाई सौ बीघा खेत में आलू की फसल तैयार करते हैं। उन्होंने करीब 45 बीघा खेत में पुखराज आलू की फसल की है।
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विपिन ने उगाई छह किलो की मूली
पुवायां। गांव सतवां निवासी विपिन मिश्रा के खेत में छह किलो वजन तक की मूली उगाई है। उन्होंने भी खेती में गोबर और जैविक खाद का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि वह अगले वर्ष गोबर की खाद का बड़े क्षेत्र में उपयोग कर आलू, मूली आदि की खेती करेंगे। इससे अच्छी और बेहतर पैदावार होने के साथ ही शुद्ध सब्जियों का उत्पादन होगा। कहा कि उनके खेत की मूली क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
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