जनहित की विभिन्न मांगों के निदान के लिए शिवसेना के दोनों गुट शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। कलक्ट्रेट कैंपस उनका आखिरी पड़ाव रहा, लेकिन दोनों गुटों ने अपनी खिचड़ी अलग-अलग पकाई। शिवसेना के जिला प्रमुख सुरेश राठौर और उनके समर्थकों ने किसानों को पर्याप्त फसली मुआवजा दिलाने के लिए जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया तो महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख चंचला नैयर ने तमाम कार्यकर्ताओं के साथ कलक्ट्रेट पर धरना देकर रात्रिकालीन बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग दोहराई।
जिला प्रमुख गुट के शिवसैनिक पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में जमा हुए। वहां से कार्यकर्ता गले में नारंगी गमछे डालकर नारेबाजी करते हुए सुरेश राठौर और नगर प्रमुख वीरेंद्र वीर सिंह की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम के नाम उनके कार्यालय में ज्ञापन और दस सूत्री मांग पत्र दिया। ज्ञापन में मौसम की मार से बेहाल किसानों को पर्याप्त क्षतिपूर्ति कराने, गेहूं की सरकारी खरीद को दलालों के शिकंजे से मुक्त करने, मोहल्लों में कैंप लगाकर राशन कार्ड बनाए जाने आदि मांगें की। प्रदर्शन में सर्वजीत सिंह, राहुल मेहरोत्रा, दिनेश राठौर, विश्वनाथ कश्यप, रामजी रस्तोगी, गौरव वाजपेयी आदि शामिल रहे।
उधर, महिला प्रमुख चंचला नैयर गुट के कार्यकर्ताओं ने धरना देकर नारेबाजी करके अपनी मांगों पर जन सामान्य का ध्यानाकर्षण किया। इस गुट के कार्यकर्ताओं ने डीएम दफ्तर में दिए ज्ञापन में रात के वक्त होने वाली बिजली कटौती रोककर शहरी क्षेत्र मेें कम से कम 22 घंटे बिजली सप्लाई दिए जाने, मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग कराने, बाला तिराही में बिजली के नए पोल लगाने आदि मांगें उठाईं। धरना देने वालों में संगीता शर्मा, रामपाल वर्मा, मोहित श्रीवास्तव, रुस्तम वर्मा, अमन नैयर, मुन्नी देवी, राजाराम वर्मा आदि शामिल रहे।