शाहजहांपुर। सनातन धर्म में विशेष आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाला शरद पूर्णिमा का पर्व रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात में चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है तथा उसकी शीतल चांदनी का विशेष महत्व माना जाता है। श्री रुद्र बाला जी धाम के पुजारी पंडित कान्हा कृष्ण शुक्ला ने बताया कि शरद पूर्णिमा रविवार को दिन में 11:06 मिनट पर प्रारंभ होगी और सोमवार को सुबह 9:58 मिनट पर समाप्त होगी।
शरद पूर्णिमा पर खीर बनाकर चंद्रमा की चांदनी में रखने की प्राचीन धार्मिक परंपरा है। इस वर्ष रात्रि व्यापिनी पूर्णिमा रविवार की रात 8:30 बजे से 11:30 बजे तक है, यह समय खीर रखने के लिए शुभ है। संवाद