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साहब मैं जिंदा हूं: कागजों में मर चुके ओमप्रकाश ने भेजा अफसरों को पत्र, एक साल पहले लापरवाहों ने जीते जी मारा

Sat, 03 Sep 2022 09:51 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

पीड़ित ओमप्रकाश ने एसडीएम समेत कई अधिकारियों को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि वह जिंदा हैं। अफसरों ने एक साल पहले उसे कागज में मृत घोषित कर दिया था। इसके चलते उसकी वृद्धावस्था पेंशन तक बंद हो गई।
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पीड़ित ओमप्रकाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र के गांव फत्तेपुर से अफसरों की लापरवाही का एक ताजा उदाहरण सामने आया है। यहां फत्तेपुर गांव निवासी ओमप्रकाश ने एसडीएम समेत कई अधिकारियों को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि वह जिंदा हैं। अफसरों ने एक साल पहले उसे कागज में मृत घोषित कर दिया था। इसके चलते उसकी वृद्धावस्था पेंशन तक बंद हो गई।

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ओमप्रकाश ने पत्र में बताया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसका बैंक का खाता होल्ड कर दिया गया है। खाते का रुपया तक नहीं निकाल पा रहा हूं। कागजों में मृत ओमप्रकाश जिंदा होने का प्रमाण दे रहे हैं। वह अधिकारियों के दफ्तरों में पिछले एक साल से जा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
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ओमप्रकाश ने बताया कि अधिकारी कागजों पर ही भरोसा कर रहे हैं। वह सामने खड़े होकर जिंदा होने का सबूत दे रहे हैं, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं है। समाज कल्याण अधिकारी समेत कई अफसर उनकी सुनने के बजाय उन्हें चलता कर दे रहे हैं। जिससे वह काफी परेशान हो चुके हैं।
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