मृतक कमलेश रानी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
शाहजहांपुर। अयोध्या में रामलला के दर्शन कर लौट रहीं पंजाब के लुधियाना जिले के माधवपुरी निवासी कमलेश रानी (70) की गर्मी के कारण ट्रेन में तबीयत बिगड़ गई। बेटे ने रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद मांगी। आरोप है कि उपचार न मिलने से उनकी मौत हो गई।
25 मई को किसान एक्सप्रेस से कमलेश रानी समेत 15 महिलाओं का समूह अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के लिए रवाना हुआ था। इनमें तीन लड़कियां भी शामिल थीं। लौटते समय बेगमपुरा एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में वह सवार हुई थीं। ट्रेन चलने के बाद गर्मी के चलते उन्हें घबराहट होने लगी। इस पर बेटे राजेश सोनी को उन्होंने सूचना दी। राजेश ने तुरंत ही इमरजेंसी नंबर पर कॉल कर चिकित्सीय मदद मांगी, लेकिन कहीं इलाज नहीं मिला। उपचार नहीं मिलने के चलते कमलेश रानी अचेत हो गईं।
कंट्रोल से सूचना आने के बाद बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े नौ बजे ट्रेन आने पर आरपीएफ पहुंची। रेलवे के डॉक्टर ने परीक्षण करने के बाद जीआरपी को मेमो भेजा। उन्हें एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। मृतका के बेटे राजेश सोनी ने बताया कि रेलवे से समय से उपचार मिल जाता तो जान बचाई जा सकती थी। इंस्पेक्टर जीआरपी रेहान अहमद ने बताया कि डॉक्टर का मेमो आने के बाद महिला को अस्पताल भेजा गया था।
लखनऊ से पहले हुई मौत
-आरपीएफ इंस्पेक्टर अजय राय ने बताया कि महिला की मौत लखनऊ से पहले हो गई थी। लखनऊ में शव उतारने से परिजनों ने मना कर दिया था। इसके बाद शव यहां उतारा गया। दूसरी ओर ट्रेन में शव के बीच लखनऊ से शाहजहांपुर तक करीब 180 किलोमीटर यात्रियों ने सफर किया।