जलालाबाद। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को समस्याओं का जमीनी स्तर पर निस्तारण कराने के लिए शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों से सबंधित 21 मामलों की सुनवाई कर एक प्रकरण का निस्तारण कराया।
डीएम ने कहा कि करीब 20 प्रतिशत ऐसी शिकायतें हैं, जिनके फरियादियों से अधिकारियों ने संपर्क नहीं किया। इस दौरान डीएम से अधिवक्ताओं ने मुलाकात कर तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी पर ऑफिस के बजाय अपने सरकारी आवास में रहकर शासकीय कार्य निपटाने का आरोप लगाया। डीएम ने समस्या खत्म कराने का आश्वासन दिया। हालांकि तहसीलदार ने आरोपों से इन्कार किया। समाधान दिवस में एसपी सौरभ दीक्षित, सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा आदि मौजूद रहे।
इस दौरान मोहल्ला खेड़ा की सीमा पाठक ने बताया कि वह पति की जगह नौकरी पाने के लिए कई बार अधिकारियों से फरियाद कर चुकी हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गुनाराज गांव के मोहम्मद दराज ने बताया कि वर्ष 2023 में आवास योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन स्वीकृत नहीं हुआ। कई बार अधिकारियों से फरियाद कर चुके हैं।
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एडीएम और विधायक ने सुनी समस्याएं
पुवायां। समाधान दिवस में एडीएम वित्त और राजस्व अरविंद कुमार, विधायक चेतराम, एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे, एसडीएम सदानंद सरोज, सीओ प्रवीण मलिक ने समस्याएं सुनी। लोकभारती संस्था के कार्यकर्ता लक्ष्मीकांत, प्रेमशंकर वाजपेयी आदि ने भैंसी नदी से अवैध खनन किए जाने की शिकायत समाधान दिवस में एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार से की। एडीएम ने लेखपाल, कानूनगो को कार्रवाई न होने पर निलंबन की चेतावनी दी। संवाद
चार अधिकारी-कर्मचारी रहे अनुपस्थित
तिलहर। तहसील परिसर की मीटिंग हॉल में शनिवार को एसडीएम आदित्य श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आईं 29 में से सात शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। चार अधिकारियों-कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने पर उनकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। संवाद
डीएम ने एमआरएफ सेंटर का निरीक्षण किया
कलान। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सथरा धर्मपुर स्थित मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र के संचालन, कचरा निस्तारण और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डीएम ने सूखे और गीले कचरे के पृथक्कीकरण की प्रक्रिया देखी। साथ ही एकत्र सामग्री की गुणवत्ता और उसके पुनर्चक्रण की व्यवस्था भी परखी। संवाद