पुवायां। कस्बे में एक पेट्रोल पंप पर पानी मिला पेट्रोल बेचे जाने के मामले में जांच और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया हैरान करने वाला है। अधिकारियोंं का कहना है कि जब उन्हें शिकायत मिलेगी, तब जांच और कार्रवाई होगी।
मूलरूप से कस्बा और वर्तमान में गुड़गांव निवासी सुधीर गुप्ता ने 17 अप्रैल की रात एक पेट्रोल पंप से कार में लगभग 52 लीटर पेट्रोल भरवाया था। पंपकर्मियों के पानी मिला पेट्रोल डाल देने से उनकी कार खराब हो गई।सुधीर ने 18 अप्रैल को पंप पर पहुंचकर पुलिस बुला ली थी। बाद में उन्होंने पुवायां थाने पहुंचकर तहरीर भी दी।पुलिस ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
शिकायत के दूसरे दिन भी जिला पूर्ति अधिकारी सहित किसी अधिकारी ने पंप पर पहुंचकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी। कंपनी के सेल्स अधिकारी सिद्धार्थ मौर्या ने पंप जाकर पेट्रोल का सैंपल लिया। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता संतुष्ट है। उसे शिकायत नहीं है। पंप स्वामियों का कहना है कि उनके यहां सही मात्रा और गुणवत्ता का पेट्रोल मिल रहा है।
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शिकायत नहीं मिली, कंपनी के सेल्स मैनेजर कर रहे जांच
जिला पूर्ति अधिकारी ओमहरि उपाध्याय ने बताया कि उन्हें पेट्रोल में मिलावट संबंधी कोई शिकायत नहीं मिली है। पंप से संबंधित कंपनी के सेल्स मैनेजर मौके पर गए थे। वही मामले की जांच कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने डीएसओ को पत्र नहीं दिया है। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय का कहना है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के मामले में पूर्ति विभाग के अधिकारी ही जांच करते हैं और वही रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। पुलिस इस मामले में सीधे कार्रवाई नहीं कर सकती है।
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खुद कर सकते हैं जांच, है आपका अधिकार
एक पंप स्वामी ने बताया कि पेट्रोल की डेंसिटी 730 से 800 के बीच है, तो वह शुद्ध माना जाएगा। 730 से कम है और 800 से ज्यादा है तो उसमें मिलावट हो सकती है। डीजल की डेंसिटी 830 से 900 के बीच होती है। फिल्टर पेपर के बाद भी आपको फ्यूल की शुद्धता पर शक है तो आप डेंसिटी जार से इसकी जांच करवा सकते हैं। पेट्रोल और डीजल का घनत्व जांचने के लिए हर पेट्रोल पंप पर 500 मिलीलीटर का एक जार होता है, जिसे नोजल की मदद से लगभग 3/4 ऊंचाई तक भरा जाता है।
इसके बाद एएसटीएम (अमेरिकन सोसाइटी फॉर टेस्टिंग ऑफ मैटेरियल्स) नामक एक उपकरण को इस बीकर में डुबोया जाता है, जो उत्पाद के तापमान और घनत्व की रीडिंग देता है। इस रीडिंग की तुलना रजिस्टर में उल्लिखित रीडिंग से की जाती है, जो संदर्भ के रूप में कार्य करता है। दोनों की रीडिंग एक जैसी होनी चाहिए। ऐसा रजिस्टर देशभर के हर पेट्रोल पंप पर पाया जाता है।