फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होली की छुट्टियां खत्म होने के बावजूद अफसरों पर चढ़ी खुमारी

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। होली पर चार दिन की छुट्टी के बाद बृहस्पतिवार को सरकारी कार्यालय तो खुल गए, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की होली की खुमारी नहीं उतरी। इस वजह से बृहस्पतिवार को भी कई अधिकारियों के कक्ष सूने पड़ रहे। ड्यूटी पर आने के बावजूद अधिकारी इधर-उधर घूमते रहे और फरियादी भटकते रहे। हालांकि कलक्ट्रेट मेें डीएम और विकास भवन मेें सीडीओ दोपहर तक अपने कार्यालय में जरूर मौजूद रहे।
विज्ञापन

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का कक्ष भी सूना पड़ा रहा। समाज कल्याण विभाग और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में कर्मचारी बैठे दिखे, लेकिन अधिकारी की सीटें खाली रहीं। इस दौरान पेंशन के बारे में पूछताछ करने आए वृद्ध मायूस होकर लौट गए।
इस बार होली पर शासन ने सोमवार से बुधवार तक तीन दिवसीय अवकाश घोषित किया। आठ मार्च को रविवार होने के कारण अन्य जनपदों के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी सात मार्च की शाम को ही त्योहार मनाने घरों को रवाना हो गए। चार दिन की छुट्टी बिताकर बृहस्पतिवार को जो अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे भी उनका राजकाज मेें ज्यादा मन नहीं लगा। इस वजह से कार्य स्थल पर लौटने के बाद भी कई अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटों पर बैठने के बजाय इधर-उधर घूमते नजर आए।
विज्ञापन

जनसुनवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस समेत सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों को प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक दो घंटे अपने कार्यालय कक्ष में बैठक जन सुनवाई कर लोगों की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
कलक्ट्रेट में बैठे दिखे अफसर
डीएम इंद्र विक्रम सिंह और सीडीओ महेंद्र सिंह तंवर दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालयों में मौजूद रहकर जन सामान्य से भेंट करने के साथ लंबित प्रकरणों एवं पत्रावलियों का निस्तारण कराने में जुटे रहे। बड़े अफसरों की मौजूदगी के कारण कलक्ट्रेट के एसडीएम कार्यालय, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय, इंगलिश ऑफिस, जिला कोषागार, अभिलेखागारों मेें अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले। विकास भवन में जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर गौतम, जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार भी अपने कार्यालय में पत्रावलियों की पड़ताल में व्यस्त रहे, लेकिन समाज कल्याण कार्यालय में लिपिकों के अलावा सन्नाटा दिखा।
सीट पर टंगी दिखी जैकेट
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुमन कुमार के चैंबर में उनकी सीट पर टंगी जैकेट इशारा दे रही थी कि वह आए हैं, लेकिन कहीं चले गए। चूंकि, उन पर विकलांग कल्याण अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी है। इसलिए विकलांग कल्याण कार्यालय का जायजा लिया, लेकिन सुमन कुमार वहां भी नहीं दिखे। यही नहीं, वहां के प्रधान लिपिक राजेश कुमार के बारे में अन्य कर्मचारियों ने बताया कि वह आए हैं, लेकिन अभी उठकर कहीं चले गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी भी नदारद
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक भी अपने कक्ष में नहीं दिखे और न ही उनके कार्यालय के कर्मचारी डॉ. पाठक की लोकेशन बता सके। उनका मोबाइल नंबर डायल करने पर कॉल भी रिसीव नहीं हुई। विकास भवन के भूतल पर ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरबी सिंह का चैंबर खुला था, लेकिन सीवीओ भी अपनी सीट पर नहीं मिले, जबकि स्टाफ के अन्य कर्मचारी अपने पटलों पर मौजूद दिखे। बाद में कार्यालय पहुंचे सीवीओ डॉ. सिंह ने बताया कि वह अधिकारियों के निर्देश पर भावलखेड़ा ब्लॉक की सल्लिया गोशाला गए थे क्योंकि वहां एक सांड़ ने हमला कर गाय को घायल कर दिया और बाद मेें उसकी मौत हो गई थी। विकास भवन के प्रथम और द्वितीय तल पर सहायक निदेशक मत्स्य, बाल विकास विभाग की डीपीओ, विकास विभाग, आरईएस, अर्थ संख्या विभाग आदि कार्यालयों मेें अधिकारी और लिपिक रोजमर्रा की तरह काम करते मिले।
फरियादियों की बात
छह साल पहले वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत हुई थी। शुरुआत में दो माह तक तक पेंशन की धनराशि खाते में आई, लेकिन बाद मेें पेंशन मिलनी बंद हो गई। इस बारे मेें पूछताछ के लिए समाज कल्याण कार्यालय जाने पर साहब नहीं मिले और कर्मचारियों ने बाद में आने को कहा है। - धनपाल, केशवपुर (मदनापुर)
मैं बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हुआ हूं और कोषागार से पेंशन जारी होती है। पेंशन भुगतान रुकने पर कोषागार जाने पर बताया गया कि जीवित प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया है। कोषागार के पेंशन अनुभाग में मिले लेखाकार सीमांत मिश्रा ने प्रमाण पत्र जमा कर लिया है। - बशीर अहमद, तेल टंकी रोड (शाहजहांपुर)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें