टेलीफोन के भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबिल में शुक्रवार को फाल्ट हो जाने से भारत संचार निगम लिमिटेड की सेवाएं घंटों ठप रहीं। बीएसएनएल के लैंड लाइन और मोबाइल फोन कनेक्शन धारक घंटों सिग्नल नहीं मिलने से इष्ट-मित्रों और परिचितों से बात करने को तरस गए। इस दौरान न सिर्फ हजारों बेसिक और मोबाइल फोन बंद रहे, ब्रॉडबैंड कनेक्शन भी ठप रहे जिस कारण शहर के साइबर कैफे में सन्नाटा रहने से उनके संचालकों का धंधा प्रभावित हुआ।
अन्य टेलीकॉम कंपनियों समेत बीएसएनएल का नेटवर्क शुक्रवार को दिन में करीब 11 बजे तक सामान्य बना रहा, लेकिन इसके बाद मोबाइल फोन धारकों को नजदीकी ब्रांच टर्मिनल स्टेशनों से सिग्नल मिलने बंद हो गए। चूंकि, शहर में अक्सर बीटीएस की खराबी से सिग्नल की समस्या बनी रहती है। इसलिए शुरुआत में टेलीफोन उपभोक्ताओं ने इसे यह मानकर सामान्य तौर पर लिया कि कुछ देर बाद सिग्नल मिलने लगेंगे, लेकिन हुआ इसका उल्टा।
मोबाइल फोन बंद रहने के दौरान लोगों ने बेसिक फोन से नंबर डायल करने को रिसीवर उठाए तो उन्हें डायल टोन सुनाई नहीं दी और फोन डेड हालत में मिले। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन और अन्य कार्यों के लिए युवाओं ने साइबर कैफे की राह पकड़ी, लेकिन ब्रॉड बैंड सेवाएं ठप होने के कारण उन्हें वहां भी निराशा हाथ लगी। यह स्थिति करीब चार घंटे तक बनी रही। बीएसएनएल के एसडीओ मोबाइल राशिद अली खां के अनुसार लखनऊ-सीतापुर के बीच ओएफसी में आई खराबी के कारण यह समस्या पैदा हुई। उन्होंने बताया कि केबिल की खराबी आंशिक तौर पर दूर करके मोबाइल नेटवर्क शाम चार बजे से बहाल हो गया और अन्य संचार सेवाएं भी देर रात तक सामान्य हो जाने की उम्मीद है।