अमर उजाला में 18 जनवरी के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
खुटार। सिहुरा वन चौकी क्षेत्र के जंगल में 13 पेड़ों के अवैध कटान का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब छापाबोझी क्षेत्र के जंगल में तस्कर दिनदहाड़े एक बेशकीमती कोरो का पेड़ काट ले गए। मामले में वन रक्षक की ओर से तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले में दो लोगों को पूछताछ के लिए उठाया भी गया है।
छह जनवरी की रात कोरो के 13 पेड़ काटे जाने के मामले में 12 नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ वन विभाग और थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में एक आरोपी को वन विभाग और तीन को पुलिस पकड़कर जेल भेज चुकी है। शेष 11 आरोपी अब भी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। अब छापाबोझी क्षेत्र के जंगल में पांच फरवरी को कोरो के सूखे पेड़ पर आरी चल गई। जानकारी पर वन रक्षक संतोष कुमार गौड़ ने गांव नरौठा देवीदास निवासी अनिल, रमेश और राकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि पांच फरवरी की शाम को वह कर्मचारी अशोक कुमार वाजपेयी के साथ छापाबोझी जंगल में गश्त कर रहे थे। इस दौरान कोरो का पेड़ काट रहे तीन लोग मौके से भाग निकले। मौके से कुछ लकड़ी बरामद हुई। शेष लकड़ी गायब है। दो कुल्हाड़ी और तीन साइकिलें भी बरामद हुई हैं। इसे रेंज कार्यालय में रखवा दिया गया है और गायब लकड़ी की तलाश की जा रही है।
अमर उजाला ने चेताया था, फिर भी नहीं दिया ध्यान
-छापाबोझी जंगल में सागौन के छोटे-छोटे पेड़ काटे जाने का सिलसिला तेजी से बढ़ा था। इस संबंध में अमर उजाला ने 30 जनवरी के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। रेंजर ने ऐसे कटान को जलौनी लकड़ी ले जाने वाला करार दिया था और कार्रवाई नहीं की। अब एक बार फिर कटान के बाद वनकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई है।