फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब सजना संवरना भी हुआ महंगा

Tue, 31 Mar 2015 11:48 PM IST
शाहजहांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
गर्मी की शुरुआत होते हुए शादी समारोह का जोर भी शुरू हो गया है। इस शादी सीजन में दुल्हनों को सजाने और संवारने में अतिरिक्त जेब ढीली करनी पड़ेगी। साथ ही ऐसे कार्यक्रमों के लिए सजने संवरने वाली महिलाओं को भी पहले की तुलना में करीब 15 से 20 प्रतिशत अधिक खर्च करना पड़ेगा। दरअसल, ऐसा ब्यूटी पार्लरों के सर्विस टैक्स के दायरे में आने से हुआ है।
विज्ञापन

मोदी सरकार के 28 फरवरी में को आए पहले आम बजट से हर वर्ग के लोगों कोे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बजट ने महिला वर्ग को परेशानी में डाल दिया। सर्विस टैक्स की वजह से महिलाओं का सर्वाधिक प्रिय शौक सजना और संवरना अब काफी महंगा हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्यूटी पालर्स ने पहले की तुलना में करीब 15 से 20 प्रतिशत अधिक धनराशि वसूलना शुरू कर दी है।
इससे फेशियल, फेस क्लीन-अप, हेयरस्पॉ, ब्राइडल मेकअप, पार्टी मेकअप, वैक्स आदि सब महंगे हो गए हैं। इससे महिलाओं को अब अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। लेक्मे, वीएलसीसी, लोटस, पोंड्स सहित तमाम सौंदर्य प्रसाधनों पर महंगाई की वजह से महिलाओं ने सजने से पहले बजट की ओर ध्यान देना पड़ेगा।
विज्ञापन



  सौंदर्य              पहले (रुपये)           अब (रुपये)     
1. फेशियल         300 से 1000         350 से 1200 तक
2. हेयर स्पॉ         150 से 400          200 से 500 तक
3. ब्राइडल मेकअप  3500 से 15000      5000 से 20000 तक
4. पार्टी मेकअप      700 से 800         1000
5. वैक्स              80 से 100          100 से 150 तक
6. फेशियल किट    1600 से 1800      200 रुपये महंगी    
7. हेयरस्पॉ किट        2000                 180 रुपये महंगी      


सौंदर्य प्रसाधनों पर महंगाई के बारे में क्या कहती हैं महिलाएं और ब्यूटीशियन

फेशियल कराना हुआ महंगा: नमिता
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नमिता सिंह का कहना है कि सौंदर्य प्रसाधन महिलाओं को बहुत प्रिय होता है। इसके महंगे होने उन्हें फेशियल और कॉस्मेटिक्स खरीदने में अधिक व्यय करना पड़ता है।
 

ब्रांडेड कॉस्मेटिक्स हुई महंगी: विभा
समाजसेवी विभा अग्रवाल कहती हैं कि अधिकांश महिलाएं ब्रांडेड कास्मेटिक्स यूज करना पसंद करतीं हैं। इस पर महंगाई छाने की वजह से अन्य जरूरतों को कम करना पड़ेगा। इससे पार्लर पर जाना महिलाएं कम करेंगीं।


महंगाई का सजने पर नहीं पड़ेगा फर्क: रुचि
अर्थशास्त्री रुचि द्विवेदी का मानना है कि रूटीन जरूरतों में शामिल वस्तुओं की तरह ही सौंदर्य प्रसाधन महिलाओं की रोज की आवश्यकताओं में शामिल हैं। वे इसमें कमी नहीं कर सकती हैं। इससे महंगाई का उनके सजने पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।


सौंदर्य प्रसाधन के महंगे होने से बजट होगा प्रभावित
गृहिणी चित्रा त्यागी का कहना है कि सौंदर्य प्रसाधन के महंगे होने से घर का बजट प्रभावित होगा। इससे महिलाओं का ध्यान घरेलू नुस्खों की ओर बढ़ेगा। पुराने जमाने में प्रयोग होने वाले हल्दी, चंदन और फलों के रस का प्रयोग निश्चित तौर पर बढ़ेगा।


‘सौंदर्य प्रसाधनों पर करीब 20 प्रतिशत की महंगाई है। इससे फेशियल, ब्लीच आदि के दाम बढ़ाने पडे़ हैं। पहले के रेट में अंतर सुन कर तमाम महिलाएं भड़क जाती हैं, लेकिन समझाने पर मान भी जाती हैं। वहीं पांच से 10 प्रतिशत ग्राहक वापस हो जाते हैं। इससे थोड़ा बहुत काम प्रभावित हो रहा है।’
विज्ञापन

- वंदना दीक्षित, ब्यूटीशियन, सौंदर्य ब्यूटी पॉर्लर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें