शाहजहांपुर। नए सत्र में प्रशासन के निर्देशों को दरकिनार करने और शिकायतें मिलने पर जिला शुल्क नियामक समिति के अध्यक्ष डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह सख्त हो गए हैं। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने के बाद डीएम ने चार स्कूलों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब तलब किया है। जवाब नहीं आने पर आर्थिक दंड का नोटिस देने की चेतावनी दी है।
सत्र के प्रारंभ होने से पहले डीएम ने किताबों को लेकर होने वाले खेल को रोकने के लिए बैठक कर सीबीएसई और आईसीएसई से संचालित सभी विद्यालयों की कक्षा एक से आठ तक के शैक्षिक सत्र की निर्धारित पुस्तकों की सूची अपने विद्यालय की वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए थे।
उसकी एक प्रति डीआईओएस कार्यालय में जमा कराते हुए एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड की जानी थी। उद्देश्य था कि पुस्तकों की सूची अपलोड होने से अभिभावकों को आसानी होगी। सत्र प्रारंभ होने पर बच्चों के पाठ्यक्रमों को लेकर अभिभावकों की शिकायतें आने लगी हैं। कई पत्र प्राप्त होने के बाद डीएम के निर्देश पर शिकायतों की जांच की गई।
जांच में स्पष्ट हुआ कि तक्षशिला पब्लिक स्कूल में ऐसी पुस्तकों का चयन कर लिया गया, जो बाजार में उपलब्ध नहीं हैं, साथ ही कुछ दुकानों पर ही उपलब्ध हैं। इसी तरह एसएसएमवी की उपलब्ध कराई गई सूची में पुस्तकें परिवर्तित की गईं। मंसूरी इंटरनेशनल स्कूल में विद्यालय के अंदर ही पुस्तकों की बिक्री होते मिली। गुरुकुल वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, जलालाबाद में एक बेसमेंट में स्थित दुकान से पुस्तकों की बिक्री कराई जा रही थी।
जांच के बाद रिपोर्ट डीएम को भेजी गई। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने चारों स्कूलों को नोटिस जारी किया है।