सीएमओ कार्यालय में पटल सहायक का बंद कक्ष। संवाद
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शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा प्रतिपूर्ति धनराशि के घोटाले के मामले में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के दखल के बाद स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। सीएमओ ने 12 लाभार्थियों को नोटिस जारी कर धनराशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर बुधवार को आंतरिक जांच कमेटी दूसरे मामलों में उलझी रही।
स्वास्थ्य विभाग में उपचार कराने के नाम पर 30 लाख रुपये के घोटाले के मामले की जांच चल रही है। सीएमओ की ओर से गठित कमेटी ने एकाउंटेंट के बयान दर्ज किए। इसके बाद मंगलवार को पटल सहायक मोहम्मद साजिद व अश्वनी कुमार के लिखित बयान भी लिए गए। अधिकारियों के अनुसार, दोनों के बयानाें में जिनके नाम सामने आएंगे, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। बुधवार को कमेटी ने कोई खास कार्य नहीं किया। कमेटी के अधिकारी दूसरी अन्य जांचों में उलझे रहे।
वहीं, दूसरी ओर सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा ने 12 लाभार्थियों को नोटिस जारी कर दिया। उन्होंने बताया कि संबंधित को नोटिस भेजकर धनराशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच शुरू होने के बाद पटल सहायक का कक्ष में सन्नाटा
आमतौर पर पटल सहायक के कक्ष में रौनक रहती थी। दो से तीन लोग यहां बैठे रहते थे। जांच शुरू होने के बाद सन्नाटा पसरा है। अधिकतर समय कार्यालय में कोई उपस्थित नहीं रहता है। जांच की चपेट में आए साजिद को पहले ही पटल से हटा दिया गया था।
बरेली में उपचार करा रहा चीफ फार्मासिस्ट
राजकीय मेडिकल कॉलेज में सर्जिकल सामान चोरी के मामले में फंसे चीफ फार्मासिस्ट जेडी बंसल को न्यायालय से जमानत मिल गई है। सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जेडी बंसल अपना उपचार करा रहे है। वह अवकाश पर है। जल्द ही वह कार्य शुरू करेगा।