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टेंडर घोटाला: हरदुआ के ग्राम पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

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शाहजहांपुर। विकास खंड पुवायां की कई ग्राम पंचायतों में निविदा खुलने से पहले कार्य कराने के मामले का खुलासा होने के बाद प्रभारी डीडीओ ने हरदुआ गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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हरदुआ गांव में 54.53 लाख रुपये की लागत पंचायत भवन, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय की चारदीवारी बनाने सहित 15 विकास कार्य कराने के लिए लखनऊ से प्रकाशित एक समाचार पत्र में गत 14 मार्च को निविदा सूचना छपवाई गई थी। विज्ञापन में टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च को दोपहर 12 बजे तक नियत की गई और टेंडर खोलने की तिथि भी 16 मार्च को दोपहर दो बजे नियत की गई। निविदा सूचना के क्रमांक तीन पर साधु बाबा के स्थान से मलखान के मकान तक खड़ंजा मरम्मत की लागत 2.49 लाख रुपये दर्शायी गई, लेकिन टेंडर खुलने से पहले ही खड़ंजा मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया। 17 मार्च को अमर उजाला ने यह समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया तो मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने संज्ञान लेते हुए प्रभारी डीडीओ/डीआरडीए के परियोजना निदेशक धर्मेंद्र प्रताप सिंह को जांच के आदेश दिए थे। प्रभारी डीडीओ ने जांच की शुरुआत कर पंचायत सचिव विश्वास शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विकास खंड पुवायां की ग्राम पंचायत मदारपुर बैवहा, रसूलपुर बुजुर्ग और बिलंदापुर में भी इसी तरह के घपले संज्ञान मेें आए हैं, लेकिन इन दिनों कोरोना बचाव अभियान पर ध्यान केंद्रित होने के कारण इन गांवों के विकास कार्यों में हुई गड़बड़ी की जांच कुछ समय बाद होगी और दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
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- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी डीडीओ/परियोजना निदेशक (डीआरडीए)
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