गांधी भवन प्रेक्षागृह में नाटक दशरथ मांझी का मंचन करते कलाकार। संवाद
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शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ की तरफ से गांधी भवन प्रेक्षागृह में जिला प्रशासन व मंथन आर्ट्स सोसाइटी के सहयोग से संभागीय नाट्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके तीसरे दिन सर्वस्व लोक कल्याण स्वैच्छिक संस्था कौशांबी के नाट्य दल ने नाटक दशरथ मांझी का भावपूर्ण मंचन किया। नाटक के जरिये साबित किया कि कुछ भी हासिल करना असंभव नहीं है
लेखक अजीत दुबे व निर्देशक पंकज गौड़ के निर्देशन में कलाकारों ने बिहार के गया जिले के गहलोर गांव के रहने वाले दशरथ मांझी नामक व्यक्ति के जीवन पर आधारित सच्ची घटना से रुबरू कराया। मांझी ने केवल हथौड़ा-छेनी से पूरा पहाड़ काटकर रास्ता बना दिया था। उन्होंने 22 साल तक मेहनत की। नाटक में रोहित वाजपेयी, यश मिश्रा, हर्षलराज, अनुभव उपाध्याय, अभिषेक गिरी, प्रगति रावत, शुभेंदु कुमार, कौस्तुभ मणि पांडेय, शरद कुशवाहा, विक्रांत केसरवानी, पंकज गौड़, शीला ने अपने किरदारों को जीवंत किया।
कवि डाॅ. इंदु अजनबी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंथन आर्ट्स सोसाइटी के अध्यक्ष शिवा सक्सेना, वरिष्ठ रंगकर्मी शमीम आजाद, यश देव शर्मा, कृष्ण कुमार, योगेश पांडे, मोहित वाजपेयी, मोहित, शंकर लाल, अभिशांत पाठक, फैसल, समन खान आदि मौजूद रहे।