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प्राइमरी स्कूल में पढ़ने नहीं पहुंचे छात्र

Fri, 13 Mar 2015 08:18 PM IST
शाहजहांपुर/रोजा।
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प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय अकर्रा रसूलपुर जिसका परिसर हर दिन छह-सात सौ बच्चों से चहकता रहता था। शुक्रवार को दिन सूना पड़ा रहा। ग्रामवासियों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
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जिले के दो मॉडल विद्यालयों में सीबीएसई पैटर्न पर शिक्षा देने का तय किया गया। इसमें प्राथमिक विद्यालय अकर्रा रसूलपुर भी शामिल है। अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने के लिए चयनित किए गए शिक्षकों को बृहस्पतिवार को भेजा गया। पहले से कार्यरत प्रधानाध्यापक मुदित सेठ को कहीं और स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस पर ग्रामीण भड़क गए और वहां पहुंचे शिक्षकों का घेराव कर लिया। मामला बिगड़ते देख शिक्षकों ने वहां से खिसकने में ही भलाई समझी।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने विद्यालय गेट पर खड़े होकर नारे लगाते हुए कहा कि कोई बच्चा या अधिकारी स्कूल में नहीं जाएगा। जब तक बीएसए अपना फरमान वापस नहीं लेते। दोनों स्कूलों में बच्चों की अनुपस्थिति से एमडीएम नहीं बना। इस वजह से ऑनलाइन डेटा मांगे जाने पर जीरो गया। ग्रामीणों के अनुसार प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक मुदित सेठ और पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रूफिया खान ने विद्यालय को जिले में एक पहचान दी है। गांव के इन्हें हटने नहीं देना चाहते हैं।
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ग्राम प्रधान रचना वर्मा ने मुख्यमंत्री और डीएम को बीएसए के खिलाफ एक शिकायती पत्र भेजा। ग्राम प्रधान ने कहा कि हमारे विद्यालयों के प्रधानाध्यापक तन, मन, धन से बच्चों के लिए समर्पित रहते हैं, उनका समायोजन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ग्रामवासी बेसिक शिक्षा विभाग के इस निर्णय से मानसिक रूप से क्षुब्ध हैं। ग्राम प्रधान पति माया प्रकाश ने बताया कि यदि बीएसए की मनमानी जारी रही तो वे बच्चों को वार्षिक परीक्षा व अन्य शैक्षिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने देंगे।
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