फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फौज की वर्दी ही नहीं, मुल्क से भी मोहब्बत 

Fri, 12 May 2017 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर। 
विज्ञापन
एनसीसी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दुश्मनों को धूल चटाने के लिए लड़कियां बढ़ रहीं आगे
विज्ञापन

चिलचिलाती धूप में शूटिंग और परेड में बहा रहीं पसीना
जब प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं तो राष्ट्र रक्षा में भला वे कैसे पीछे रह जाएं। फिर चाहे किसान की बेटी हो या दिहाड़ी मजदूर की। इससे क्या फर्क पड़ता है। लड़कियों का जोश और उत्साह तो देखते ही बनता है। एनसीसी के संयुक्त प्रशिक्षण कैंप में बरेली ग्रुप के सभी जिलों से करीब 119 बालिकाएं चिलचिलाती धूप में देश की खातिर और अपने मम्मी-पापा के सपनों को पूरा करने के लिए पसीना बहा रही हैं। जब उनसे बात की गई तो सभी ने एक स्वर में कहा कि उन्हें जितनी फौज की वर्दी से मोहब्बत है, उससे कहीं अधिक मुल्क प्यारा है। दुश्मनों से दो-दो हाथ करने के लिए ही वह बंदूक उठाने को तैयार हैं। आर्मी में भर्ती होकर देश की सेवा करने से बढ़कर उनका कोई सपना नहीं और वे इसी सपने को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं। 

देश सेवा के लिए कुछ भी करूंगी
जीएफ कॉलेज की कैडेट मनीषा कुमारी आर्मी से रिटायर हुए पिता हरेंद्र प्रसाद सिंह की बेटी हैं। वह कहती हैं कि पापा ने ही उन्हें सेना में जाने के लिए प्रोत्साहित किया है। एथलीट मनीषा देश सेवा के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।
विज्ञापन


बीएसएफ करूंगी ज्वाइन
मुरादाबाद की दीपा सिंह बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं और उनका सपना बीएसएफ में भर्ती होने का है। अधिवक्ता अशोक सिंह की पुत्री दीपा कहती हैं कि बीएसएफ के माध्यम से वह वार्डर पर दुश्मनों से निपटना चाहती हैं। 

फौज की वर्दी से है प्यार
धामपुर की शिवानी चौहान आरएसएम कॉलेज की छात्रा और सत्य प्रकाश की पुत्री हैं। वह कहती हैं कि पापा ने ही उन्हें प्रोत्साहित किया है, इसलिए वह पापा का सपना पूरा करना चाहती हैं। उन्हें फौज की वर्दी से बहुत प्यार है, शूटिंग में बहुत मजा आता है।

ड्रिल में बहुत मजा आता है
बिजनौर की सपना भटनागर कृषक निपेंद्र सिंह की बेटी हैं और उनका सपना आर्मी ऑफीसर बनकर देश की सेवा करना है। इन्हें ड्रिल करना बहुत अच्छा लगता है। उनका मानना है कि लड़कियों को सोच बदलकर राष्ट्रहित में आर्मी ज्वाइन करनी चाहिए।

पापा ने ही किया प्रोत्साहित
एलिस ममता मुरादाबाद के डीएके कॉलेज की छात्रा हैं और रिक्शा चालक सुभाष जॉन की पुत्री हैं। पापा ने ही आर्मी के लिए प्रोत्साहित किया हैं। कहती हैं कि देश के लिए कुछ कर गुजरने का अवसर आर्मी में ही है। उन्हें प्रशिक्षण में बहुत मजा आ रहा है।
विज्ञापन


लेफ्टिनेंट कर्नल तक बन सकती हैं लड़कियां
कैंप कमांडेंट कर्नल शौकत अली का कहना है कि युवाओं के भविष्य के लिए आर्मी में बहुत कुछ है, इसलिए युवा वर्ग बिना किसी हिचक के राष्ट्र की सेवा के लिए आर्मी ज्वाइन कर सकते हैं। लड़कियों के प्रशिक्षण लेने पर उन्होंने बताया कि सी सर्टिफिकेट प्राप्त लड़कियों को बिना लिखित परीक्षा के साधे साक्षात्कार के माध्यम से आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है। लड़कियों के लिए विशेष रूप से जज एडवोकेट जनरल (जैग), आर्मी एजूकेशन कोर के रूप में परमानेंट कमीशन बन चुका है। लड़कियां 14 साल तक सेना में सर्विस करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल तक बन सकती हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें