पुवायां। प्रयागराज में 23 मार्च को अमोनिया के अत्यधिक दबाव से कोल्ड स्टोर के ढह जाने के बाद पुवायां क्षेत्र के कोल्ड स्टाेरों में भी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के मद्देनजर मंगलवार को किसी अधिकारी ने कोल्ड स्टाेरों में जांच नहीं की। कोल्ड स्टोर स्वामियों का सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा है, लेकिन जमीनी हकीकत देखा जाना आवश्यक है।
पुवायां तहसील में 16 कोल्ड स्टोर हैं। पुवायां में सात, खुटार में सात और बंडा में दो कोल्ड स्टोर हैं। कोल्ड स्टोर स्वामियों ने बताया कि स्टोर में काम करने वाले कर्मियों को विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षित किया जाता है। कर्मचारी जानते हैं कि अमोनिया के रिसाव पर आपात स्थिति में क्या करना है। ऐसे में एक कोल्ड स्टाेर में अमोनिया सूट, प्रशिक्षितकर्मियों के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि सूट कहीं रखे हुए थे। सवाल है कि ऐसे में आपात स्थिति होने पर जल्द काबू कैसे पाया जा सकेगा।
पुवायां के फायर स्टेशन प्रभारी आकाश सिंह ने बताया कि कोल्ड स्टोरों में अमोनिया के रिसाव को ध्यान में रखते हुए जगह जगह वाल्व लगाए जाते हैं। इसके बारे में कर्मचारियों को जानकारी होनी चाहिए, जिससे लीकेज होने पर उन्हें बंद किया जा सके। कोल्ड स्टोर पर अमोनिया सूट, मास्क उपलब्ध होने चाहिए।
कपड़े को भिगोकर मुंह पर रखकर बचाव किया जा सकता है। ज्यादा मात्रा में अमोनिया सूंघने पर जान जा सकती है। उन्होंने कहा कि अमोनिया टैंकर आदि की जांच फायर विभाग से नहीं होती है। कोल्ड स्टाेर वाले खुद ही विशेषज्ञों से कराते हैं। बर्फ बनाने के कारखाने और कोल्ड स्टोरों में शीतलीकारक के रूप में अमोनिया का उपयोग किया जाता है।
10 से 15 क्विंटल तक खर्च होती है अमोनिया
एक कोल्ड स्टोर स्वामी ने बताया कि एक कोल्ड स्टोर में एक साल में 50 किग्रा वाले 20 से 30 सिलिंडर खर्च होते हैं। स्टाेर के अमोनिया टैंक को आधा ही भरा जाता है, जिससे टैंक पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। अमोनिया टैंक को चेक करने के साथ ही कलर करते रहते हैं, जिससे टैंक खराब न हो। फायर बिग्रेड के अधिकारी साल में दो से तीन बार तक टैंकर की जांच करते हैं। अमोनिया गैस बरेली से आती है। गैस को टैंकर में भरने के लिए ऑपरेटर भी साथ आते है। कोल्ड स्टोर के अपने ऑपरेटर भी होते हैं।
एक कोल्ड स्टाेर से हो चुका है अमोनिया का रिसाव
पुवायां के गांव धारा के पास स्थित एक कोल्ड स्टोर में 29 मार्च 2017 काे गोदाम ढह जाने से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से गैस का रिसाव होने लगा था। कोल्ड स्टोर के सामने से निकल रहे लोगों को जलन महसूस होने पर जानकारी हुई तो स्टोर के कर्मचारी ने रिसाव बंद किया था। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने जांच की थी और पाइप की अमोनिया को वापस टैंकर में ले जाया गया था।
अमोनिया महंगी होने से बढ़ेगा खर्च
कोल्ड स्टोर स्वामियों ने बताया कि कुछ दिन पहले तक एक किलो अमोनिया 81 रुपये में मिलती थी, अब रेट 110 से 115 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। रेट बढ़ने के बाद से अभी अमोनिया नहीं मंगाई गई है, लेकिन अमोनिया के रेट कम न हुए तो खर्च बढ़ जाएगा और इसका असर कोल्ड स्टोर से होता हुआ किसानों और आम उपभोक्ताओं तक पड़ेगा।
सभी कोल्ड स्टोरों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। सुरक्षा संबंधी सभी इंतजाम पूरे करने के लिए कोल्ड स्टोर संचालकों को जागरूक किया जाएगा।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम