परौर क्षेत्र के ग्राम कुंडरिया में नाप कराते उपजिलाधिकारी महेश कैथल। स्रोत: जागरुक पाठक
परौर। क्षेत्र के गांव कुंडरिया में कई किसानों के खेतों पर वर्षों से कब्जा होने की मुख्यमंत्री से शिकायत के दो दिन बाद ही जिले की सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई। डीएम उमेश प्रताप सिंह के निर्देश पर मंगलवार सुबह कलान के एसडीएम महेश कुमार कैथल लेखपालों को लेकर मौके पर पहुुंचे और वास्तविक भूमि मालिकों के सामने उनके गाटा नंबरों की पैमाइश कराकर उन्हें कब्जा दिला दिया।
कुंडरिया गांव के राजेंद्र सिंह समेत कई लोगों ने रविवार को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में शिकायत की थी कि उनके गाटा नंबरों की जमीनों पर गांव के कुछ लोग कब्जा किए हुए हैं। तहसील स्तर पर कई बार शिकायतें करने पर भी उनकी जमीनें अन्य लोग जोत रहे थे।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीएम को जमीनों की शीघ्र नाप कराकर अवैध कब्जेदारों को जमीन से बेदखल कर वास्तविक किसानों काे काबिज कराने के लिए आदेशित किया था। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने लेखपालों की टीम बनाकर आम सहमति से कुंडरिया के खेतों की नाप कराई।
एसडीएम ने मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में वर्णित खेतों के गाटा नंबरों पर भूूमि मालिकों को कब्जा दिलाया। इस मौके पर अवधेश कुमार सिंह ने गांव के पुराने हो चुके नक्शेे में गाटा नंबर ढूंढने में परेशानी होने का उल्लेख करते हुए कहा कि कई किसानों के खेत टुकड़ों में बंट गए हैं। उन्होेंने गांव में चकबंदी कराने की आवश्यकता बताई।
इस पर एसडीएम ने कहा, तहसील प्रशासन द्वारा चकबंदी को लेकर आख्या संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। पैमाइश के दौरान लेखपाल राजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र गुप्ता समेत दोनों पक्षों के पक्षकार भी मौजूद रहे।