शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए छात्र ही छात्रों को पढ़ाएंगे। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्कूल में पढ़ाई में तेज और कमजोर छात्र का जोड़ा बनाकर पढ़ाई कराई जाएगी। इस कार्य के लिए अधिकारियों को लगाया है। कोशिश है कि निपुण असेसमेंट सर्वे में 42वीं रैंक से नंबर एक पर पहुंचा सकें।
जनपद के 2720 परिषदीय विद्यालयों में 715 स्कूलों को निपुण बना दिया है। दो सौ निपुण विद्यालय का सर्वे होने के बावजूद वह पोर्टल पर नहीं दिख रहे हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग ने परियोजना से पत्राचार किया है। निपुण सर्वे में स्कूलों की रैंकिंग भी जारी नहीं की गई। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में बेहतर और खराब स्कूल की जानकारी नहीं मिल रही है। शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए डीएम ने शिक्षक संकुल की बैठक लेने के बाद विद्यालयों को निपुण बनाने पर जोर दिया। उनके निर्देश के बाद विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। बीएसए दिव्या गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक स्कूल में पढ़ाई में तेज और कमजोर छात्र का जोड़ा बनाया जाएगा, जो दूसरे को पढ़ाएंगे। इसके निपुण छात्र दूसरे छात्र को पढ़ाकर निपुण बनाने का प्रयास करेगा।
124 अधिकारियाें की ड्यूटी लगाई, एआरपी भी करेंगे सहयोग
-नई व्यवस्था के तहत शिक्षण कार्य कराने के लिए 124 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस कार्य में एआरपी भी सहयोग करेंगे, जो अपने विषय के बारे में बच्चों को समझाएंगे। प्रत्येक स्कूल में ढाई घंटे तक समय देकर निपुण बनाने का प्रयास करेंगे।