फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना के 134 मरीज और बढ़े

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जिले में कोरोना अपने पैर पसारता ही जा रहा है। बुधवार 134 लोग संक्रमित मिले। कोरोना से अब तक 4818 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें 1922 लोग डिस्चार्ज भी हो चुके हैं। वर्तमान में 979 मरीज उपचाराधीन हैं।
विज्ञापन

एकीकृत कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के सहायक नोडल अधिकारी बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि बुधवार को 61 और 73 मंगलवार देर रात जांच में पॉजिटिव निकले। नए संक्रमितों को मिलाकर अब तक जिले में 4818 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इसमें 1922 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं और 1846 लोग होम क्वारंटीन पूरा कर चुके हैं। उधर, जैतीपुर में दो लोगों के पॉजिटिव मिले हैं।
पीपीई किट फेंके जाने का आरोप
मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी के पीछे झाड़ियों में इस्तेमाल की हुई पीपीई किट फेंके जाने से आसपास से निकल रहे लोगों में खलबली मच गई। लोगों ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज भी कोरोना संक्रमण बढ़ा रहा है। इस्तेमाल की हुई पीपीई किट इस तरह नहीं फेंकी जानी चाहिए थी। इस संबंध में कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एमपी गंगवार का कहना है कि मोर्चरी के समीप बायो मेडिकल कक्ष है, जिसमें वेस्ट मेटेरियल रख दिया जाता है, बाद में उसका निस्तारण कर दिया जाता है। चूंकि इस समय वेस्ट मेटेरियल अधिक हो रहा है, इसलिए हो सकता है कि कमरा वेस्ट भर गया हो और कोई किट बाहर निकल गई हो। वैसे पूरी सावधानी बरती जा रही है। जानबूझ कर कोई लापरवाही नहीं कर सकता है।
विज्ञापन

सात सितंबर को जांच में जांच रिपोर्ट निगेटिव, तीन दिन बाद बता दिया पॉजिटिव
बुजुर्ग महिला के बेटे ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच कराने को कहा
शाहजहांपुर। कोरोना को लेकर मेडिकल कॉलेज के कारनामे भी बड़े अजीबोगरीब सामने आ रहे हैं। शहर की एक बुजुर्ग महिला की सात सितंबर को मोबाइल वैन की टीम के जांच करने पर रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आई, लेकिन इसके तीन दिन बाद फोन करके बुजुर्ग महिला को पॉजिटिव बता दिया गया। उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया है। बुजुर्ग महिला के बेटे ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है।
शहर के मोहल्ला रंगमहला निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनके मोहल्ले में सात सितंबर को स्वास्थ्य विभाग की वैन कोरोना जांच के लिए खड़ी की गई थी। चूंकि उनके पड़ोस के एक परिवार का व्यक्ति पॉजिटिव निकला था। इसलिए एहतियातन उन्होंने भी खुद और परिवार के सदस्यों की जांच कराई। तब जांच करने वालों ने उनकी मां समेत सभी की रिपोर्ट निगेटिव बताई। इसके बाद 12 सितंबर को उन्हें फोन पर जानकारी दी गई कि उनकी मां की 10 सितंबर को हुई जांच पॉजिटिव आई है। उन्होंने इस पर मां को तत्काल मेडिकल कॉलेज के एल-2 कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनका आरोप है कि जब 10 सितंबर को उन्होंने किसी की जांच ही नहीं कराई, तो उनकी मां की रिपोर्ट पॉजिटिव कैसे आ गई। इसकी उन्होंने डीएम को पत्र देकर जांच कराने की मांग की। साथ ही एसडीएम को भी जानकारी दी। उन्होंने वह मेडिकल कॉलेज जाकर मां की एक बार फिर जांच कराने का आग्रह करेंगे, क्योंकि उनकी मां काफी बुजुर्ग हैं, उन्हें अस्पताल में बेवजह भर्ती किया गया है।
इस संबंध में डिप्टी सीएमओ डॉ. लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उन्होंने भी संबंधित महिला की दोबारा जांच कराने को कहा है। हो सकता है कि कहीं-कोई भूल चूक हो गई हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें