शाहजहांपुर। परिवहन निगम के बेड़े में लगातार नईं बसों की संख्या में इजाफा होने के बावजूद पुरानी बसों को दौड़ाया जा रहा है। देखरेख के अभाव में इन बसों की हालत काफी ज्यादा खराब है। स्टीयरिंग के नीचे तारों का जाल होने के चलते आए दिन स्पार्किंग की समस्या रहती है। पुरानी बसें रास्ते में धोखा भी दे जाती हैं।
जनपद में परिवहन निगम 211 बसों का संचालन करता है। इनमें 75 अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, निगम की 98 बसें पूरी तरह से नईं हैं, शेष बसें कम किलोमीटर चली हैं। रोडवेज बस अड्डे में बृहस्पतिवार को खड़ी मिली बस का एक तरफ का वाइपर नदारद था। उसके पास में प्लास्टिक की रस्सी बंधी थी।
दूसरी बस की सीटें ही खराब थीं। सीटें फटी होने के साथ काफी गंदी थीं। इन सीटों पर बैठने से लोगों के कपड़े तक गंदे हो रहे थे। पलिया रूट की बस की इमरजेंसी खिड़की काफी जर्जर थी। बस में गंदगी भरी थी। ऐसा लग रहा था कि काफी समय से सफाई नहीं की गई है। इसी तरह एक बस की खिड़की तक टूटी थी।
हवा को रोकने के लिए गत्ते का प्रयोग किया गया था। अधिकतर बसों के स्टीयरिंग के नीचे तारों का जाल मिला। इससे आए दिन स्पार्किंग होने से आग लगने का डर बना रहता है। चालकों ने बताया कि आए दिन पुरानी बसें रास्ते में खराब हो जाती है। उन्हें दूसरी बस बुलाकर शिफ्ट किया जाता है।
पुरानी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं
बंडा, पाली, सीतापुर समेत कई मार्गों पर चलने वाली पुरानी बसों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में किसी के चोट लगने पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता है। वहीं अग्निशमन उपकरण भी कई बसों में नहीं हैं।
निगम के पास अधिकतर बसें सही स्थिति में हैं। छोटी समस्याएं होने की संभावना है। उनका निरीक्षण कराकर सही कराया जाएगा।
- सुशील त्रिवेदी, डिपो प्रभारी-परिवहन निगम
शाहजहांपुर डिपो की बस में खिड़की से गायब हुक। संवाद
शाहजहांपुर डिपो की बस में खिड़की से गायब हुक। संवाद
शाहजहांपुर डिपो की बस में खिड़की से गायब हुक। संवाद
शाहजहांपुर डिपो की बस में खिड़की से गायब हुक। संवाद