शाहजहांपुर। रोजा थाना क्षेत्र के गांव हथौड़ा निवासी रामसनेही की चेहरे पर दोनों हाथों से सूजों से वारकर हत्या करने के आरोपी भतीजे अरविंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर दो सूजे भी बरामद किए गए हैं। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि शराब खरीदने के लिए 100 रुपये नहीं देने पर गुस्से में सूजों से वार कर उसने हत्या की थी।
शुक्रवार की शाम करीब साढ़े छह बजे भतीजे अरविंद ने रामसनेही की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी की तलाश में तीन टीमों को लगाया था। शनिवार की रात पुलिस ने गुर्री जलालपुर नहर के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसकी निशानदेही पर रेती रोड से बर्फ काटने वाले दो सूजे भी बरामद किए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रामसनेही की पेंशन आती थी। रामसनेही के दिए रुपयों से वह नशा करता और अपने शौक पूरे करता था। तीन अक्तूबर की शाम राससनेही से नशा करने के लिए रुपया मांगा। इस पर उन्होंने गालियां देते हुए रुपया देने से मना कर दिया। इस कारण रामसनेही को रास्ते से हटाकर रुपये मांगने का विवाद समाप्त करने की योजना बनाई।
जब रामसनेही घर से निकलकर अपने परिचित विजय के मकान के पास गए तो पूर्व में बर्फ का काम करने के लिए खरीदे दो सूजे लेकर गया और रामसनेही पर दोनों सूजों से वार कर भाग गया। सीओ सदर शुभम वर्मा ने बताया कि आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराकर न्यायालय में पेश किया गया है।
स्टेशन के पास सुनसान स्थान पर बिताई रात
पुलिस के अनुसार, रामसनेही की हत्या के बाद काफी देर अरविंद गांव में ही रहा। पुलिस की आवाजाही पर नजर बनाए रहा। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए उसने पूरी रात स्टेशन के पास एक सुनसान जगह पर बिताई। फिर मुंह पर कपड़ा लपेटकर पड़ोसी गांवाें के आसपास घूमता रहा। शनिवार की रात जब आरोपी अरविंद अपनी बहन के घर लखीमपुर खीरी जिले के पसगवां जा रहा था, तभी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे दबोच लिया।
ग्रामीण बोले-भतीजे ने रिश्ते का किया दागदार
ग्रामीणों ने बताया कि भाई की मौत के बाद जिस रामसनेही ने भतीजे अरविंद को पाला पोसा। उसी ने उन्हें मारकर रिश्ते काे दागदार कर दिया। अरविंद ने रामसनेही का नहीं, बल्कि रिश्ते का कत्ल किया है। अरविंद की शराब की आदत से तंग आकर उसकी पत्नी उसे छोड़ गई थी। अरविंद की पिटाई से परेशान होकर करीब एक माह से उसके दोनों बच्चे भी बुआ के घर रह रहे थे। तब रामसनेही ही अपने भतीजे को 100-50 रुपया खर्च के लिए दे देते थे।
चाचा नहीं, ताऊ थे रामसनेही
रोजा। रामसनेही की हत्या के बाद पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की थी। ग्रामीणों ने बताया था कि रामसनेही के पास रहने वाला अरविंद उनका भतीजा था। हालांकि, मृतक के भांजे के आने के बाद स्पष्ट हुआ कि रामसनेही आरोपी अरविंद के ताऊ थे। संवाद