तिलहर। मौहल्ला मौजमपुर में रस्तोगी धर्मशाला के पास एक मकान में शनिवार की रात आग लगने से एलपीजी सिलिंडर में हुए विस्फोट से हुई भगदड़ में कई लोग घायल हो जाने के मामले की प्रशासन ने जांच शुरू करा दी है। इसके लिए एसडीएम नीलिमा यादव ने नायब तहसीलदार अमित कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की जांच टीम गठित कर दी है।
रस्तोगी धर्मशाला के पास रेनू रस्तोगी के मकान में शनिवार की रात करीब 8:30 बजे संदिग्ध हालात में आग लग गई थी। रेनू ने दोनों बच्चों के साथ किसी तरह कमरे से बाहर निकलकर परिवार की जान बचाई। कमरे में लगी आग रसोई में पहुंचने पर वहां रखे गैस सिलिंडर में विस्फोट होने पर मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ होने पर कई लोग गिरकर घायल हो गए थे।
इस दौरान मोहल्ला वहीदुल्लागंज निवासी बुजुर्ग रफीउल्ला भीड़ के धक्के खाकर गिर गए और उनके दोनों पैर टूट गए थे। सूचना पाकर पहुंची दमकल यूनिट ने करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक गृहस्थी का लाखों रुपये का सामान जल चुका था।
रविवार को पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा और बाद में विधायक सलोना कुशवाहा ने कई समर्थकों के साथ रेनू रस्तोगी के घर जाकर उनसे घटना का ब्योरा लिया और आग से हुई क्षति पर अफसोस जताया। चूंकि, मकान मालकिन रेनू ने आग लगाए जाने का आरोप लगाया है। इसलिए पुलिस प्रशासन घटना को गंभीरता से लेकर जांच-पड़ताल करने में जुट गया है।
एसडीएम नीलिमा यादव ने बताया कि मकान मालकिन के आरोप को देखते हुए आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए नायब तहसीलदार अमित कुमार के नेतृत्व में जांच कमेटी बना दी गई है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।