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बेटे की लाश को देख तार  तार हुआ मां का कलेजा

Sat, 30 Jul 2016 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रोजा।
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मौत - फोटो : अमर उजाला
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- शुक्रवार की शाम सड़क हादसे का शिकार हुआ था आयुष
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- मुकेश डंगवाल का निजी अस्पताल में चल रहा है इलाज
 शुक्रवार की रात आरसी मिशन थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में आयुष की मौत और आरपीएफ  के सिपाही मुकेश डंगवाल के घायल होने से कस्बे में सन्नाटा है। शनिवार की शाम जब आयुष का शव पोस्टमार्टम के बाद रोजा स्थित उसके रेलवे के आवास पर पहुंचा तो मां का कलेजा तार-तार हो गया।
बता दें कि शुक्रवार की रात करीब नौ बजे आरपीएफ  का सिपाही मुकेश डंगवाल अपने बेटे आयुष को शहर से दवा दिलाकर बाइक से घर लौट रहा था। जनता धर्मकांटे के पास बेकाबू पिकअप वाहन काल बनकर सामने से आ गया और मुकेश की बाइक में सामने से टक्कर मार दी।
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टक्कर लगते ही मुकेश बाइक से उछलकर दूर जा गिरे। उसका आठ साल का बेटा आयुष बेकाबू पिकअप वाहन के पहिये के नीचे आ गया, जिसे रौंदती हुई पिकअप सामने खड़े दूसरे वाहन से जा टकराई। चालक मौके से पिकअप को छोड़कर फरार हो गया।
रोजा के सपा नेता ओम गुप्ता उसी समय दुर्घटना स्थल से गुजर रहे थे। ओम गुप्ता ने घायल सिपाही मुकेश डंगवाल उसके बेटे आयुष को अपनी कार से जिला अस्पताल भर्ती गया, जहां आयुष को मृत घोषित कर दिया। इसी बीच आरपीएफ  प्रभारी नरेंद्र मलिक सूचना पर अपने स्टाफ  के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए।
गंभीर हालत में घायल सिपाही मुकेश डंगवाल को बरेली के लिए रेफर किया गया, लेकिन उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी पसलियों और दाहिने पैर में फैक्चर है। आरसी मिशन की पुलिस ने मृत आयुष के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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जब आयुष का शव उसके घर पहुंचा तो चीख पुकार से वातावरण गमगीन हो गया। आयुष की उम्र करीब आठ साल है जो कस्बे के बचपन पब्लिक स्कूल का कक्षा दो का छात्र है। उसका बड़ा भाई पीयूष करीब दस साल का है। मां ज्योति का तो रोकर बुरा हाल है। मुकेश मूलत: रुद्रप्रयाग के सांमला 
गांव के रहने वाले हैं। उनके परिवार वालों के देर रात पहुंचने की संभावना है।
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