शाहजहांपुर। निकाय चुनाव में आरक्षण की अनंतिम सूची आने के साथ ही राजनीतिक दलों के साथ ही जनता में प्रत्याशियों को लेकर अटकल का बाजार गरम हो गया है। टिकट की जोर-आजमाइश को लेकर दावेदारों ने लखनऊ के बड़े नेताओं की परिक्रमा शुरू कर दी है। वहीं, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी टिकट को लेकर लामबंदी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि भाजपा का प्रत्याशी घोषित होने के बाद सपा अपना प्रत्याशी घोषित करेगी।
सबसे ज्यादा चर्चा शाहजहांपुर नगर निगम के चुनाव को लेकर है। पहली बार होने जा रहे मेयर के चुनाव के लिए सीट ओबीसी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हो चुकी है। ऐसे में सामान्य जाति के टिकट के दावेदार मायूस जरूर हुए हैं लेकिन अपने खेमे की प्रत्याशी को टिकट दिलाने के लिए ताकत लगा रहे हैं। भाजपा के बड़े नेता फिलहाल किसी विकल्प पर एकमत तो नहीं हैं और छह अप्रैल के बाद आरक्षण की अंतिम सूची आने के बाद आवेदन स्वीकार किए जाने की बात कह रहे हैं।
हालांकि कई दावेदारों ने सोशल मीडिया के साथ ही होर्डिंग-बैनर लगाकर अपनी दावेदारी जताना शुरू कर दिया है। वहीं सपा में कई दावेदार हैं लेकिन अंतिम चयन को लेकर पार्टी सचेत है। सबसे ज्यादा चिंता भीतरघात को लेकर है। माना जा रहा है कि पूर्व चेयरमैन और वर्तमान जिलाध्यक्ष तनवीर खां के चुनावी मैदान से हटने के बाद ऐसा प्रत्याशी उतारने को लेकर लामबंदी हो रही है, जो भाजपा के प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दे सके। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा प्रत्याशी के अंतिम समय में पाला बदल लेने से भी सपा नेतृत्व ने सबक लिया है। नगर निगम के साथ ही नगर पालिकाओं के प्रत्याशी के चयन में भी सतर्कता बरती जा रही है।