शाहजहांपुर। 11 साल पहले गुजरात में आई बाढ़ ने डॉ. प्रतिभा शर्मा से उनकी मां, इकलौते भाई और बहन को हमेशा के लिए छीन लिया था। इस हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। संघर्ष और लगातार प्रयास के दम पर अब उनका चयन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) जीव विज्ञान पद पर हो गया है।
जवाहर नवोदय विद्यालय में इतिहास प्रवक्ता डॉ. अनिरुद्ध शर्मा मूल रूप से सुल्तानपुर की रहने वाली हैं। वर्ष 2015 में डॉ. अनिरुद्ध की तैनाती गुजरात में थी। 24 जून को गुजरात के अमरेली जिले में बादल फटने के बाद आई बाढ़ में उनकी पत्नी गीता शर्मा, बेटी गरिमा और इकलौते पुत्र आलोक शर्मा की पानी में बहने से मौत हो गई थी। कई दिन बाद तीनों के शव बरामद हुए। उस समय प्रतिभा एमएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा के कारण दो दिन पहले ही बड़ोदरा चली गई थीं, जिससे उनकी जान बच गई। पिता भी बेटी की शादी के लिए रिश्ता देखने जाने के कारण बच गए थे। परिवार पर आए इस दुख के पहाड़ के बावजूद प्रतिभा ने पढ़ाई जारी रखी। नौवें प्रयास में उनका चयन पीजीटी जीव विज्ञान के पद पर हो गया।उन्होंने भावुक होकर कहा कि यदि उनकी मां, बहन और भाई आज जीवित होते तो उनकी इस सफलता से सबसे अधिक खुश होते।