परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील के साथ ही बुधवार को दूध वितरण करने के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए जिले के अधिकांश स्कूलों में दूध का वितरण नहीं हो सका। मिर्जापुर सहित कुछ ब्लाकों के शिक्षकों ने प्रदर्शन भी किया। आदेश की रस्म अदायगी के लिए सक्रिय बीएसए ने एक दो स्कूलों में खुद पहुंचकर दूध का वितरण कराया।
प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय स्कूलों के बच्चों को प्रत्येक बुधवार को 200 मिलीलीटर दूध वितरण करने का आदेश दिया गया था। इसका विरोध शिक्षकों ने पहले शुरू कर दिया था, लेकिन शिक्षा अधिकारियों को समय रहते शिक्षक दूध वितरण करना शुरू कर देंगे। बुधवार को पहले दिन दूध वितरण होना था। सोशलसाइट्स पर एक दूसरे कनेक्टेड शिक्षकों ने दूध वितरण न करने का तय कर लिया था। ददरौल, भावलखेड़ा, मिर्जापुर, सिंधौली सहित अन्य ब्लाकों के शिक्षकों ने दूध वितरण न करने के बारे में पहले से ही बैठक करके मना कर दिया था। इसी विरोध पर अमल करते हुए जिले के अधिकांश स्कूलों में दूध का वितरण नहीं किया गया। बीएसए और मिड डे मील के जिला समन्वयक सहित खंड शिक्षा अधिकारियों की बात को सिरे से नकारते हुए तमाम शिक्षकों ने दूध का वितरण नहीं किया।
पूर्व सांसद ने छात्रों को बांटा दूध
बंडा। छात्रों में कुपोषण दूर करने के लिए एमडीएम के साथ दूध देने की योजना का पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार ने पूर्व माध्यमिक स्कूल बंडा में छात्रों को दूध पिलाकर शुभारंभ किया। इस दौरान छात्रों को किताबें भी वितरित की गईं। पूर्व सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्राथमिक शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने और गरीब तबके के बच्चों को भी सुलभ शिक्षा मुहैया कराने के लिए नि:शुल्क शिक्षा के साथ यूनिफार्म, किताबें और भोजन के बाद अब प्रत्येक बुधवार को छात्र छात्राओं को दूध दिए जाने की योजना शुरू की है। इससे बच्चों का कुपोषण दूर होने के साथ मानसिक विकास होगा। इस मौके पर बीईओ सुशील कुमार कनौजिया, राजीव गंगवार, कृष्ण कुमार वर्मा, मनोज सिंह, राजू सिंह, वीरपाल यादव, नरेश चंद्र श्रीवास्तव, रितु पवार, कुमकुम गंगवार, सुधा चौहान आदि शिक्षक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दूध मिलने से खिलखिलाए सरकारी स्कूल के बच्चे
रोजा। बुधवार को रोजा के प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में रोजा नगर पंचायत चेयरमैन ने बच्चों को दूध वितरण कर शुभारंभ किया। स्कूल की प्रधानाध्यापक शालिनी गुप्ता ने बताया कि हर सप्ताह बुधवार को बच्चो को दूध पिलाने का दिन निर्धारित किया गया हैं। इस मौके पर एबीआरसी रोहिताश्व सिंह सहित स्कूल की शिक्षिकाएं मौजूद थीं।
चंद स्कूलों के बच्चों को ही मिल सका दूध
शाहजहांपुर। बीएसए के तमाम प्रयासों और शिक्षकों की मेहनत से जिले के चंद स्कूलों के बच्चों को मिड डे मील में चावल कोफ्ता के साथ ही 200 मिली दूध पीने को मिल गया। जिले में अकर्रा रसूलपुर, हथौड़ा और सिंधौली के प्राइमरीज और जूनियर स्कूल में दूध का वितरण किया गया।
भावलखेड़ा ब्लाक के प्राइमरी स्कूल हथौड़ा में नामांकित 295 बच्चों में 235 बच्चे बुधवार को उपस्थित रहे। इन बच्चों को बीएसए राकेश कुमार और जिला समन्वयक मिड डे मील निश्चय सिंह ने मौजूद रहकर दूध वितरण कराया। वहीं जूनियर स्कूल में दूध का वितरण नहीं किया गया। इधर ददरौल ब्लाक के प्राइमरी और जूनियर स्कूल अकर्रा रसूलपुर के प्रधानाध्यापकों की लगन की वजह से दूध का वितरण किया जा सका। यहां पर भी बीएसए मौजूद रहे। प्राइमरी और जूनियर स्कूल सिंधौली में खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) संजय शुक्ला ने मौजूद रहकर दूध का वितरण कराया।
सप्ताह में एक दिन दूध आपूर्ति को नहीं कोई तैयार
शाहजहांपुर। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष राधारमण त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष जागेश पाली, महामंत्री विश्राम सिंह, उपाध्यक्ष मंगरेलाल, नफीस खां और सुभाष मिश्रा ने बीएसए को एक ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि कोई भी दूध विक्रेता सप्ताह में एक दिन दूध देने के लिए तैयार नहीं है। साथ ही सिंथेटिक दूध की पहचान के लिए शिक्षकों को उपकरण दिए जाने की मांग की।
शिक्षकों ने दूध, कोफ्ता चावल का किया विरोध
मिर्जापुर। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले दर्जनों शिक्षकों ने मिड डे मील मे कम परिवर्तन लागत में दूध और कोफ्ता चावल छात्रों को खिलाने के आदेश का विरोध करते हुए शासन से इस तुगलकी आदेश को तत्काल वापस लिए जाने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया।
बुधवार को ब्लाक संसाधन केंद्र पर उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष ओंकार सिंह के नेतृत्व मे क्षेत्र के दर्जनों शिक्षकों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि मात्र 3.59 रुपये प्रति छात्र परिवर्तन लागत में 200 मिली लीटर दूध और कोफ्ता चावल देने का मीनू शासन से निर्धारित किया गया है जो अव्यवहारिक होने के साथ ही शिक्षकों का मानसिक और आर्थिक उत्पीडन करने वाला है। शिक्षक समुदाय शासन के इस आदेश का पुरजोर विरोध करता है। शिक्षकों ने कहा कि इतनी कम लागत मे उपरोक्त मीनू के अनुसार दूध मिलना किसी भी स्थिति मे संभव नहीं है।
विरोध प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों में प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष विकास मिश्र, मंत्री केके सिंह, उच्च प्राथमिक संघ के मंत्री सुरेंद्र कुमार पाल, आलोक परमार, ईश्वरशरण सिंह, शीतल यादव, दिनेश यादव, आदित्य पाठक, संदीप मिश्र, कोतवाल सिंह,बुधपाल सिंह,विमला देवी, सरस्वती, रामानंद मिश्र, सूरजपाल, मुख्त्यार अहमद, दशरथनंदन अवस्थी, सुरेन्द्र सिंह, प्रीतम सिंह, मधुर कुमार सिंह, ऋषिपाल सिंह, दिनदेश्वर सिंह आदि शामिल रहे।
मीरानपुर कटरा। सरकारी स्कूलों में अध्यनरत बच्चों के मिड डे मील के मीनू में दूध परोसे जाने के फरमान का शिक्षकों ने बहिष्कार कर दिया है। प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लाक कटरा-खुदागंज ने अधिकारियों को पत्र भेजकर बताया कि शासन ने मिड डे मील के मीनू में बुधवार को 200 ग्राम दूध प्रति बच्चा दिए का फरमान तो जारी कर दिया है किंतु उसका भुगतान किस रेट पर कैसे होगा इसका कोई उल्लेख नही किया है। जिसकी वजह से शिक्षक वर्ग में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।उन्होंने कहा है कि क्षेत्र में चाय के लिए दूध की किल्लत उठानी पड़ती है। बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था कर पाना संभव नजर नही आ रहा है। फिलहाल उन्होंने बच्चों को दूध परोसे जाने के दायित्व का बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।