शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान जनता से कई बार सीधा संवाद किया। स्थानीय भाषा में भाषण की शुरुआत कर लोगों को खुद से जोड़ने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत भारत माता की जय से की। इसके बाद प्रधानमंत्री बोले, शहीदन की धरती पर पं. रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां का शत-शत नमन। बाबा विश्वनाथ और भगवान परशुराम के चरणन मा हमारो प्रणाम...। उन्होंने क्रांतिकारियों की धरती को नमन करते हुए अपनी बात रखनी शुरू की। भीड़ के थोड़ा अनियंत्रित होने पर उन्होंने असुविधा होने के लिए क्षमा मांगते हुए आगे आने की कोशिश न करने का आग्रह किया।
लोगों से संवाद कायम करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है...क्रांतिकारियों की यह धरती इतने बड़े राष्ट्रयज्ञ में सबसे आगे खड़ी रहेगी। उन्होंने लोगों से नारे लगवाए अबकी बार...मोदी सरकार। लगभग दस बार उन्होंने जनता से विभिन्न मुद्दों पर हामी भरवाई। भीड़ ने भी नरेंद्र मोदी की बातों का जवाब दिया। उन्होंने लोगों से कई बार कहा कि उनका व्यक्तिगत काम कर देना। उन्होंने कहा कि आप लोग मेरा एक काम करना कि घर-घर जाकर उनका प्रणाम पहुंचा देना। इसके बाद भारत माता की जय बोलकर उन्होंने अपना संबोधन समाप्त किया।
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