शाहजहांपुर में वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने एमएलसी चुनाव के परिणामों को लेकर कहा कि इसमें राजनीतिक दलों की नीतियों से अधिक प्रत्याशियों की व्यक्तिगत मेहनत का असर रहा। जिन प्रत्याशियों ने पहले से मतदाता बनाने और वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए मेहनत की, उन्हें उसका लाभ मिला। वह शनिवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि 11 में से छह सीटों पर भाजपा की जीत हुई है। सपा के प्रत्याशी जीते हैं, पार्टी नहीं। इस में प्रत्याशियों का व्यक्तिगत योगदान अधिक रहा है। कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए खन्ना ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार चुनावों में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई है। वहीं, अखिलेश यादव को पहले 224 विधायकों का समर्थन मिला था, लेकिन वह उसे संभाल नहीं पाए और पार्टी 47 सीटों पर सिमट गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों के नेतृत्व में वैचारिक असमंजस है। पीडीए की परिभाषा बदलने को लेकर भी उन्होंने सपा पर तंज कसा।
खन्ना ने कहा कि चुनाव में संवैधानिक तरीके से सफलता नहीं मिलने पर सड़कों पर भीड़ जुटाकर अराजकता पैदा करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस के नेता संसद में बहस करने के बजाय सड़क पर एकतरफा बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने इसे गलत सोच बताते हुए कहा कि इस तरह के रवैये से दिल्ली का माहौल अशांत करने की कोशिश की जा रही है।